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यूपी पंचायत चुनाव में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगी तारीख

In Politics, State
June 05, 2026
यूपी पंचायत चुनाव में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगी तारीख - RajneetiGuru.com

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों में हो रही देरी को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश सरकार से स्पष्ट रूप से यह बताने को कहा है कि राज्य में पंचायत चुनाव कब कराए जाएंगे। कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी और प्रशासनिक अनिश्चितता पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।

मामला उत्तर प्रदेश की 57,694 ग्राम पंचायतों के कार्यकाल समाप्त होने के बाद की व्यवस्था से जुड़ा है। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो चुका है। इसके बाद राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर निवर्तमान ग्राम प्रधानों को अगले छह महीने तक प्रशासक के रूप में कार्य करने की अनुमति दी थी। इस फैसले को अदालत में चुनौती दी गई है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंचायत चुनाव समय पर कराना संवैधानिक दायित्व है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि यदि पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है तो चुनाव कराने की दिशा में अब तक ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए।

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अदालत को बताया गया कि ओबीसी आरक्षण से संबंधित आयोग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है और इस प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है। इस पर अदालत ने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया को अनिश्चितकाल तक टालना उचित नहीं माना जा सकता।

हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि आगामी सुनवाई में ओबीसी आरक्षण और संबंधित आयोग की प्रगति रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जाए। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है, जिसमें सरकार और निर्वाचन आयोग को स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

संविधान के अनुच्छेद 243-E के तहत पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक माना जाता है। इसी संवैधानिक प्रावधान का हवाला देते हुए याचिकाकर्ताओं ने चुनावों में देरी पर सवाल उठाए हैं।

इस बीच राज्य में पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होने लगी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में संभावित चुनावी तैयारियों और राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं बढ़ गई हैं। वहीं राज्य निर्वाचन आयोग पर अब चुनावों का संभावित रोडमैप और समयसीमा स्पष्ट करने का दबाव बढ़ गया है।

फिलहाल सभी की नजर 10 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां अदालत के समक्ष पंचायत चुनावों को लेकर सरकार और निर्वाचन आयोग की ओर से विस्तृत स्थिति रिपोर्ट पेश की जाएगी।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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