35 views 17 secs 0 comments

दिल्ली सीमा के पास लश्कर का आतंकी गिरफ्तार

In National
March 30, 2026
RajneetiGuru.com - दिल्ली सीमा के पास लश्कर का आतंकी गिरफ्तार - Image Credited by India Today

भारत के आतंकवाद विरोधी तंत्र को एक बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय करते हुए दिल्ली सीमा के पास लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक उच्च-स्तरीय गुर्गे को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान शब्बीर अहमद लोन के रूप में हुई है, जिसे ‘राजा’ और ‘कश्मीरी’ जैसे उपनामों से भी जाना जाता है। वह जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर जिले के कंगन का निवासी है। लोन पर बांग्लादेश से एक जटिल आतंकी नेटवर्क चलाने और भारतीय हृदयस्थल (Indian heartland) में बड़े हमलों की साजिश रचने का आरोप है।

सुरक्षा अधिकारियों ने खुलासा किया कि लोन पाकिस्तान की आईएसआई (ISI) की सीधी देखरेख में बांग्लादेश में एक रणनीतिक “हैंडलर” के रूप में काम कर रहा था। उसका प्राथमिक उद्देश्य कट्टरपंथी तत्वों और अवैध प्रवासियों की भर्ती करना था, ताकि भारत के खिलाफ आतंकी साजिशों को अंजाम दिया जा सके।

एक प्रशिक्षित आतंकवादी का प्रोफाइल

शब्बीर अहमद लोन उग्रवाद की दुनिया में कोई नया नाम नहीं है। लश्कर के साथ उसका संबंध लगभग दो दशकों पुराना है:

  • कठोर प्रशिक्षण: खुफिया रिकॉर्ड के अनुसार, लोन ने मुजफ्फराबाद में ‘दौरा-ए-आम’ (बुनियादी) और ‘दौरा-ए-खास’ (उन्नत) दोनों पाठ्यक्रम पूरे किए हैं। वह अत्याधुनिक हथियारों, विस्फोटकों और गुप्त संचार के संचालन में माहिर है।

  • पुराना रिकॉर्ड: लोन को पहली बार 2007 में स्पेशल सेल ने पकड़ा था। उस समय उसके पास से एके-47 राइफलें और हैंड ग्रेनेड बरामद हुए थे। जांच में 26/11 के मास्टरमाइंड हाफिज सईद और लश्कर कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी के साथ उसके सीधे संबंधों की पुष्टि हुई थी।

  • फरार अपराधी: तिहाड़ जेल में एक दशक बिताने के बाद, लोन को 2018 में जमानत मिली, जिसके बाद वह लश्कर के पूर्वी नेटवर्क को फिर से खड़ा करने के लिए बांग्लादेश भाग गया था।

बांग्लादेश कनेक्शन और आईएसआई की रणनीति

यह गिरफ्तारी उस बदलती सामरिक स्थिति पर प्रकाश डालती है जहाँ आतंकी समूह पड़ोसी देशों को लॉन्चपैड के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। बांग्लादेश में लोन को स्थापित करके, लश्कर का लक्ष्य जम्मू-कश्मीर में अत्यधिक निगरानी वाली नियंत्रण रेखा (LoC) से बचना था।

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा: “शब्बीर लोन की गिरफ्तारी लश्कर के ‘पूर्वी मोर्चे’ को पुनर्जीवित करने के प्रयास के लिए एक बड़ा झटका है। उसका काम कम तीव्रता वाले विस्फोटों और दुष्प्रचार अभियानों के लिए बांग्लादेश और सीमा पार के कमजोर व्यक्तियों की पहचान करना था। हम वर्तमान में उसके पूरे भर्ती चैनल की मैपिंग कर रहे हैं।”

लश्कर-ए-तैयबा का निरंतर खतरा

हाफिज सईद द्वारा 1980 के दशक के उत्तरार्ध में स्थापित लश्कर-ए-तैयबा भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक बना हुआ है। “बांग्लादेश मार्ग” इस बात का उदाहरण है कि कैसे ये संगठन क्षेत्रीय सीमाओं का फायदा उठाते हैं जब प्राथमिक मोर्चे (कश्मीर) पर कड़ी निगरानी होती है।

वर्तमान जांच और सुरक्षा निहितार्थ

लोन से वर्तमान में एक अज्ञात स्थान पर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां मुख्य रूप से इन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं:

  1. फंडिंग रूट: पाकिस्तान से बांग्लादेश और फिर भारत में पैसा कैसे भेजा जा रहा था।

  2. स्लीपर सेल: उन व्यक्तियों की पहचान करना जिन्हें लोन ने भर्ती किया था।

  3. टारगेट लिस्ट: उन स्थानों की पहचान करना जहाँ हमले की योजना थी।

इस गिरफ्तारी के बाद दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, विशेष रूप से सीमा प्रवेश बिंदुओं और पारगमन केंद्रों (transit hubs) पर कड़ी चौकसी बरती जा रही है।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

/ Published posts: 477

अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

Instagram