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डीयू पत्रकार पर हमले पर मानवाधिकार आयोग सख्त

In Legal/Judicial
February 21, 2026
RajneetiGuru.com - डीयू पत्रकार पर हमले पर मानवाधिकार आयोग सख्त - AI Generated Image

नई दिल्लीराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में एक महिला पत्रकार के साथ कथित शारीरिक और यौन हमले की भयावह घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को औपचारिक नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

यह घटना 13 फरवरी, 2026 को हुई थी, जब उक्त पत्रकार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के खिलाफ हो रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन को कवर कर रही थीं। मीडिया रिपोर्टों और पीड़िता के बयान के अनुसार, भीड़ द्वारा पत्रकार की जाति की पहचान किए जाने के बाद स्थिति हिंसक हमले में बदल गई।

लक्षित जाति-आधारित हिंसा के आरोप

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि न केवल उनका शारीरिक और यौन उत्पीड़न किया गया, बल्कि उन्हें विशेष रूप से उनकी जातिगत पहचान के कारण निशाना बनाया गया। खबरों के मुताबिक, भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने उन्हें निर्वस्त्र कर घुमाने की धमकी दी, जिससे वह इतनी सदमे में आ गईं कि बेहोश हो गईं। वह कुछ शिक्षकों और वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मियों की मदद से इस भयावह स्थिति से सुरक्षित निकलने में सफल रहीं।

एनएचआरसी ने अपनी टिप्पणी में कहा कि यदि रिपोर्ट में दी गई जानकारी सत्य है, तो यह “मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन” है। आयोग का यह हस्तक्षेप मीडियाकर्मियों के खिलाफ हिंसा और सार्वजनिक स्थानों पर लिंग और जाति आधारित भेदभाव के चिंताजनक गठजोड़ को रेखांकित करता है।

पत्रकारों की सुरक्षा पर टिप्पणी करते हुए, वरिष्ठ अधिवक्ता और मानवाधिकार कार्यकर्ता अपर्णा भट्ट ने कहा: “एक पत्रकार पर पेशेवर कर्तव्यों का पालन करते समय हमला करना स्वयं प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है। जब ऐसे हमले में जातिवादी टिप्पणियां और यौन हिंसा जुड़ जाती है, तो यह कमजोर आवाजों की रक्षा करने में प्रणालीगत विफलता को दर्शाता है। एनएचआरसी का त्वरित हस्तक्षेप एक आवश्यक कदम है, लेकिन पुलिस को ऐसी अराजकता को रोकने के लिए निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।”

छात्र विरोध और परिसर की सुरक्षा

यूजीसी के नए निर्देशों के बाद पिछले कुछ हफ्तों में दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में छात्र सक्रियता में तेजी देखी गई है। हालांकि विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन आम बात हैं, लेकिन इस विशेष हमले की प्रकृति ने शैक्षणिक और पत्रकारिता जगत को झकझोर कर रख दिया है।

इस घटना ने परिसर में होने वाली अशांति को कवर करने वाले मीडियाकर्मियों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल पर महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि वहां मौजूद पुलिस की मदद से पीड़िता बच निकलीं, लेकिन भीड़भाड़ वाले विरोध प्रदर्शन के बीच दिनदहाड़े इस तरह का हमला होना भीड़ प्रबंधन और रिपोर्टिंग के अधिकार की सुरक्षा में बड़ी खामियों को उजागर करता है।

14 दिनों के भीतर अपेक्षित दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट में प्राथमिकी (एफआईआर) की स्थिति, आरोपियों की पहचान और पीड़िता को प्रदान की गई चिकित्सा एवं मनोवैज्ञानिक सहायता के विवरण शामिल होने की उम्मीद है।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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