2026 के केरल विधानसभा चुनावों के लिए नैरेटिव सेट करते हुए, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में अपना व्यापक घोषणापत्र जारी करने वाला पहला प्रमुख राजनीतिक दल बन गया है। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर द्वारा अनावरण किए गए “विकसित केरल” नामक इस दस्तावेज़ में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और आक्रामक कल्याणकारी योजनाओं का एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया गया है।
घोषणापत्र के मुख्य स्तंभों में केरल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्थापना और सामाजिक सुरक्षा उपायों में बड़ा बदलाव शामिल है, जिसमें कल्याणकारी पेंशन को बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह करना प्रस्तावित है।
कल्याण और खाद्य सुरक्षा: ₹2,500 का विशेष कार्ड
घोषणापत्र के सबसे आकर्षक वादों में से एक गरीबी रेखा से नीचे (BPL) और गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए ‘भक्ष्य आरोग्य सुरक्षा कार्ड’ शुरू करना है।
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नकद लाभ: इस कार्ड में मासिक ₹2,500 का रिचार्ज होगा, जिसका उपयोग विशेष रूप से फार्मेसी और किराने की दुकानों पर किया जा सकेगा।
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मुफ्त रसोई गैस: पार्टी ने ओणम और क्रिसमस के त्योहारों के दौरान गरीब परिवारों को सालाना दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का वादा किया है।
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पेयजल: भाजपा ने राज्य के प्रत्येक घर को प्रति माह 20,000 लीटर मुफ्त पानी देने का भी संकल्प लिया है।
बुनियादी ढांचा: हाई-स्पीड कॉरिडोर और मेट्रो विस्तार
भाजपा खुद को “हाई-स्पीड विकास” वाली पार्टी के रूप में पेश कर रही है:
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मेट्रो रेल: कोच्चि मेट्रो के सभी शेष चरणों को पूरा करने और तिरुवनंतपुरम व कोझिकोड में नई मेट्रो सेवाएं शुरू करने की गारंटी।
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मुल्लापेरियार बांध: घोषणापत्र में इस संवेदनशील मुद्दे पर कूटनीतिक रुख अपनाया गया है। नितिन नबीन ने कहा, “हम तमिलनाडु के जल अधिकारों को प्रभावित किए बिना, केरल की सुरक्षा और तमिलनाडु के लिए पानी सुनिश्चित करने हेतु दोनों राज्यों और केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे।”
धार्मिक प्रबंधन और भ्रष्टाचार की जांच
भाजपा ने देवस्वोम बोर्डों (Devaswom Boards) के पुनर्गठन का प्रस्ताव देकर स्थानीय संवेदनशील मुद्दों को भी छुआ है। पार्टी का लक्ष्य सबरीमाला मंदिर सहित अन्य मंदिरों के प्रबंधन में भक्तों की भागीदारी बढ़ाना है। इसके लिए एक समर्पित ‘सबरीमाला इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मिशन’ का प्रस्ताव दिया गया है।
राजनीतिक मोर्चे पर, घोषणापत्र में पिछले कुछ वर्षों में राज्य को प्रभावित करने वाले “सोना चोरी” (gold theft) के मामलों की सीबीआई (CBI) जांच कराने का वादा किया गया है।
केरल में भाजपा का बढ़ता आधार
ऐतिहासिक रूप से केरल में माकपा (CPI-M) के नेतृत्व वाले एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ का दबदबा रहा है। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में त्रिशूर सीट जीतकर पहली बार खाता खोलने के बाद भाजपा का आत्मविश्वास बढ़ा है। जल्दी घोषणापत्र जारी करके, भाजपा अब केवल विचारधारा की लड़ाई से हटकर विकास और कल्याण (Development-plus-Welfare) के नैरेटिव पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
राजनीतिक रणनीति में बदलाव
2026 का यह घोषणापत्र एक रणनीतिक बदलाव का संकेत है। एम्स, पेंशन वृद्धि और मुफ्त एलपीजी का वादा करके, भाजपा सीधे तौर पर एलडीएफ के कल्याणकारी मॉडल को चुनौती दे रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यूडीएफ और एलडीएफ भाजपा के इस “विकसित केरल” विजन का मुकाबला किस तरह करते हैं।
