5 views 2 secs 0 comments

MLC टिकट को लेकर कर्नाटक भाजपा में आंतरिक कलह

In Politics
March 12, 2026
RajneetiGuru.com - MLC टिकट को लेकर कर्नाटक भाजपा में आंतरिक कलह - Image Credited by The New Indian Express

हुब्बल्लीभारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई एक बार फिर आंतरिक असंतोष की लहर का सामना कर रही है। वरिष्ठ नेता और राज्य अनुशासन समिति के अध्यक्ष लिंगराज पाटिल ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दे दिया। उनका यह कदम विधान परिषद के ‘वेस्ट ग्रेजुएट’ निर्वाचन क्षेत्र से लगातार तीसरी बार एसवी संकनूर को मैदान में उतारने के पार्टी के फैसले के खिलाफ एक सीधा विरोध है।

37 वर्षों तक पार्टी की सेवा करने वाले दिग्गज नेता पाटिल ने अन्य दलों से आए नेताओं और बार-बार दोहराए जाने वाले उम्मीदवारों के पक्ष में “वफादारों की उपेक्षा” पर गहरा दुख व्यक्त किया है। हालांकि पाटिल ने स्पष्ट किया है कि वह फिलहाल पार्टी के सदस्य बने रहेंगे, लेकिन एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक पद से उनके इस्तीफे ने उत्तरी कर्नाटक क्षेत्र के पुराने नेताओं के बीच बढ़ती हताशा को उजागर कर दिया है।

विवाद की मुख्य वजह

विवाद का केंद्र वेस्ट ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र है, जो हुब्बल्ली-धारवाड़ क्षेत्र में भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण सीट है। लिंगराज पाटिल ने दावा किया कि पार्टी की राज्य कोर कमेटी ने संकनूर के साथ उनके नाम को भी शॉर्टलिस्ट किया था। पाटिल के अनुसार, पहले यह समझ बनी थी कि संकनूर तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ेंगे, जिससे नए नेतृत्व के लिए रास्ता साफ होगा।

हुब्बल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए पाटिल ने कहा, “लगभग चार दशकों तक पार्टी की सेवा करने के बावजूद, मुझे टिकट के लिए भीख माँगने पर मजबूर किया गया है। ऐसा लगता है कि पार्टी को अब मेरी ज़रूरत नहीं है।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भाजपा का वर्तमान नेतृत्व उन लोगों को “तवज्जो” दे रहा है जो दूसरे दलों से आए हैं, जबकि उन कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है जिन्होंने कड़ी मेहनत से पार्टी को शून्य से शिखर तक पहुँचाया।

भाजपा के लिए निहितार्थ

अनुशासन समिति के अध्यक्ष का इस्तीफा—वह व्यक्ति जिस पर पार्टी की मर्यादा बनाए रखने की जिम्मेदारी थी—राज्य नेतृत्व के लिए एक बड़ी शर्मिंदगी का विषय है। यह कर्नाटक की राजनीति में एक आवर्ती विषय को रेखांकित करता है: “मूल” भाजपा वफादारों और “प्रवासी” नेताओं के बीच तनाव। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि असंतुष्ट वरिष्ठों द्वारा आंतरिक रूप से नुकसान पहुँचाया गया, तो इसका असर आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।

लिंगराज पाटिल ने पार्टी आलाकमान से नामांकन की समय सीमा से पहले फैसले पर पुनर्विचार करने का आह्वान किया है। उनके समर्थकों ने “इंतजार करो और देखो” की रणनीति अपनाने के संकेत दिए हैं। यदि पार्टी पाटिल को शांत करने में विफल रहती है, तो चुनाव प्रचार के दौरान एकजुट मोर्चा सुनिश्चित करना एक कठिन चुनौती हो सकती है। फिलहाल, कर्नाटक भाजपा के भीतर “वफादार बनाम बाहरी” की बहस एक बार फिर तेज हो गई है।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

/ Published posts: 416

अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

Instagram