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हैदराबाद में ब्रिक्स ट्रेड यूनियन फोरम सम्मेलन का शुभारंभ हुआ

In National
July 14, 2026
हैदराबाद में ब्रिक्स ट्रेड यूनियन फोरम सम्मेलन का शुभारंभ हुआ - RajneetiGuru.com

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को हैदराबाद में 15वें ब्रिक्स ट्रेड यूनियन फोरम (TUF) सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने श्रमिक-केंद्रित वैश्विक व्यवस्था की वकालत करते हुए कहा कि तकनीकी प्रगति को सामाजिक न्याय, जिम्मेदार नवाचार और मानवीय गरिमा के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में श्रमिकों के हितों की रक्षा और समावेशी विकास सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम “रेज़िलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” का उल्लेख करते हुए मंडाविया ने कहा कि भारत भविष्य की कार्य संस्कृति को अधिक समावेशी, न्यायसंगत और श्रमिकों के कल्याण पर आधारित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि तकनीकी बदलावों के बीच श्रमिकों के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

श्रम सुधारों को बताया ऐतिहासिक कदम

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने चार नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) के माध्यम से 29 अलग-अलग श्रम कानूनों को एक सरल और प्रभावी ढांचे में समाहित किया है। उन्होंने बताया कि इन सुधारों के तहत सार्वभौमिक न्यूनतम वेतन, नियुक्ति पत्र की अनिवार्यता, बेहतर कार्यस्थल सुरक्षा, डिजिटल अनुपालन प्रणाली और गिग एवं प्लेटफॉर्म श्रमिकों को औपचारिक मान्यता जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों को मजबूत करना और उद्योगों के लिए पारदर्शी एवं सरल व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

ई-श्रम पोर्टल और डिजिटल व्यवस्था पर जोर

मनसुख मंडाविया ने कहा कि भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग कर श्रम प्रशासन को आधुनिक बनाया है। उन्होंने बताया कि ई-श्रम पोर्टल पर अब तक 31.7 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण हो चुका है, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि नेशनल करियर सर्विस (NCS) पोर्टल नौकरी तलाशने वालों, नियोक्ताओं, करियर केंद्रों और प्रशिक्षण संस्थानों को एक डिजिटल मंच पर जोड़कर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रहा है।

सामाजिक सुरक्षा का दायरा लगातार बढ़ा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) आज दुनिया के सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा संगठनों में शामिल है। इसके 8 करोड़ से अधिक सक्रिय सदस्य और 80 लाख पेंशनभोगी हैं। वहीं कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के माध्यम से 15 करोड़ से अधिक बीमित कर्मचारियों और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि भारत में सामाजिक सुरक्षा का दायरा 2015 में 19 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 64.3 प्रतिशत हो गया है, जिससे लगभग 94 करोड़ लोगों को लाभ मिला है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, 2026 में यह संख्या एक अरब नागरिकों से अधिक हो चुकी है।

रोजगार, कौशल विकास और एआई पर रहेगा फोकस

मंडाविया ने कहा कि पिछले दस वर्षों में देश में 17 करोड़ रोजगार के अवसर सृजित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के माध्यम से अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ औपचारिक रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच सामाजिक सुरक्षा, श्रमिकों की आवाजाही, कौशल विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जिम्मेदार उपयोग और सम्मानजनक रोजगार (Decent Work) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं। उनके अनुसार सम्मेलन में सामने आने वाले सुझाव आगामी ब्रिक्स श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

तीन दिनों तक होंगे विभिन्न विषयों पर मंथन

भारतीय मजदूर संघ (BMS) द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि तथा भारत के करीब 70 ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि, श्रम विशेषज्ञ और शिक्षाविद भाग ले रहे हैं। सम्मेलन के दौरान सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा, लाभों की पोर्टेबिलिटी, मानव-केंद्रित तकनीक, जिम्मेदार एआई, भविष्य के लिए कौशल विकास तथा कार्यस्थल पर महिलाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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