1 views 3 secs 0 comments

TMC में बड़ी बगावत! 58 विधायकों के समर्थन से ऋतब्रत बनर्जी का शक्ति प्रदर्शन

In Politics
June 03, 2026
TMC में बड़ी बगावत! 58 विधायकों के समर्थन से ऋतब्रत बनर्जी का शक्ति प्रदर्शन - RajneetiGuru.com

पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बगावत खुलकर सामने आने के बाद राज्य का राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। पार्टी से निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 58 विधायकों द्वारा समर्थन पत्र सौंपे जाने के दावों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

58 विधायकों के समर्थन का दावा

बागी गुट का दावा है कि उसे 58 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। इसी आधार पर ऋतब्रत बनर्जी को नए गुट का नेता बनाया गया है। इस घटनाक्रम को ममता बनर्जी के नेतृत्व के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

दलबदल कानून पर चर्चा

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार किसी भी बड़े विभाजन की स्थिति में दो-तिहाई विधायकों का समर्थन महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी वजह से बागी गुट अपनी संख्या को लेकर लगातार दावा कर रहा है और खुद को मजबूत स्थिति में बता रहा है।

ममता बनर्जी के लिए बढ़ी मुश्किलें

मुख्यमंत्री Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली TMC के सामने यह घटनाक्रम बड़ा राजनीतिक संकट माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने बगावत को संगठन को कमजोर करने की कोशिश बताया है और अनुशासनात्मक कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

चुनाव चिन्ह पर भी उठे सवाल

बागी गुट के कुछ नेताओं ने खुद को “असली तृणमूल कांग्रेस” बताना शुरू कर दिया है। इससे भविष्य में पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।

संगठन में बढ़ी नाराजगी

सूत्रों के मुताबिक पार्टी के भीतर लंबे समय से संगठनात्मक फैसलों और नेतृत्व शैली को लेकर असंतोष की चर्चा चल रही थी। बागी नेताओं का कहना है कि कई महत्वपूर्ण निर्णयों में विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की राय को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा था।

आगे क्या?

पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है। सभी की नजर अब विधानसभा से जुड़े संवैधानिक कदमों, पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया और संभावित राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हुई है।

फिलहाल TMC के भीतर जारी इस खींचतान ने राज्य की राजनीति को नई दिशा दे दी है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े कई बड़े घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

/ Published posts: 550

अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

Instagram