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मुजफ्फरनगर विवाह घोटाला: ‘फर्जी’ शादी के आरोपों पर कोर्ट सख्त

In Crime
April 08, 2026
RajneetiGuru.com - मुजफ्फरनगर विवाह घोटाला 'फर्जी' शादी - AI Generated Image

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ‘तरंग म्यूजिक सेंटर’ के संचालक अनुकूल कुच्छल ने व्यापार मंडल के दिग्गज नेता संजय मित्तल और उनके सहयोगियों पर ‘धोखाधड़ी से शादी’ कराने का गंभीर आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर नई मंडी कोतवाली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह मामला न केवल एक पारिवारिक विवाद है, बल्कि इसमें साजिश, चोरी और बंधक बनाने जैसे गंभीर आपराधिक आरोप भी शामिल हैं। स्थानीय समाज और व्यापार जगत में इस घटना को लेकर काफी चर्चा है।

क्या है पूरा विवाद?

अनुकूल कुच्छल का आरोप है कि अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष संजय मित्तल ने साजिश रचकर उनकी शादी अपने ड्राइवर की बेटी से करा दी। कुच्छल का दावा है कि इस शादी के लिए उन पर भारी दबाव बनाया गया था और इसे ‘बिना दहेज वाली आदर्श शादी’ के रूप में पेश किया गया था।

शिकायत के मुख्य बिंदु:

  1. धोखाधड़ी: अनुकूल का कहना है कि शादी के बाद उनकी पत्नी ने शारीरिक संबंध बनाने से इनकार कर दिया और खुद को ‘अपूर्ण’ बताया।

  2. मेडिकल जांच से इनकार: आरोप है कि जब महिला को डॉक्टर के पास ले जाया गया, तो उसने किसी भी तरह की जांच कराने से मना कर दिया।

  3. आभूषणों की चोरी: शिकायत के अनुसार, महिला अपने मायके वालों के साथ मिलकर घर से लाखों रुपये के जेवर और कीमती सामान ले गई।

  4. बंधक बनाना: कुच्छल ने यह भी आरोप लगाया कि संजय मित्तल और अन्य लोगों ने उन्हें बंधक बनाकर डराया-धमकाया।

पुलिस और कोर्ट की कार्रवाई

शुरुआत में पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर अनुकूल कुच्छल ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के निर्देश पर अब पुलिस ने संजय मित्तल, हरि शंकर शर्मा, गणेश और ओमकार कश्यप समेत नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

सीओ मंडी रूपाली रॉय ने पुष्टि की है:

“कोर्ट के आदेशानुसार मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

कानूनी स्थिति

भारत में हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 12 के तहत, यदि सहमति धोखाधड़ी या बलपूर्वक ली गई हो, तो विवाह को अमान्य घोषित किया जा सकता है। इस मामले में अनुकूल कुच्छल ने विवाह पंजीकरण रद्द करने की याचिका भी दायर की है। वहीं, दूसरी ओर उनकी पत्नी ने भी परिवार न्यायालय में ससुराल पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

संजय मित्तल ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वे केवल एक मध्यस्थ थे और कोर्ट में अपनी बेगुनाही साबित करेंगे।

यह मामला एक बार फिर वैवाहिक संस्थाओं में पारदर्शिता और विश्वास की कमी को उजागर करता है। जहां एक तरफ कुच्छल इसे एक बड़ी साजिश बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आरोपी पक्ष इसे व्यक्तिगत रंजिश का नाम दे रहा है। पुलिस की जांच और मेडिकल रिपोर्ट इस मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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