
पंजाब का राजनीतिक परिदृश्य, जो पहले से ही 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट से गरमाया हुआ है, सोमवार देर रात एक बड़े बदलाव का गवाह बना। पूर्व विधायक और नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने आधिकारिक तौर पर अपनी नई राजनीतिक पार्टी, ‘भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी’ (BRP) की घोषणा कर दी है।
कांग्रेस से निष्कासन के ठीक दो महीने बाद की गई यह घोषणा पंजाब की राजनीति में एक नई हलचल पैदा कर रही है। डॉ. सिद्धू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस कदम को “बहुप्रतीक्षित” बताते हुए इसे देश की सेवा के लिए एक “ईश्वरीय हस्तक्षेप” (divine intervention) करार दिया।
‘500 करोड़’ के बयान से शुरू हुआ विवाद
इस नई पार्टी के गठन की नींव उसी समय पड़ गई थी जब दिसंबर 2025 में डॉ. सिद्धू ने यह दावा किया था कि पंजाब में “मुख्यमंत्री की कुर्सी” ₹500 करोड़ में बिकती है। हालांकि बाद में उन्होंने सफाई दी, लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने इसे अनुशासनहीनता माना। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और राहुल गांधी के खिलाफ उनकी लगातार बयानबाजी के कारण 6 फरवरी, 2026 को उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था।
क्या है नई पार्टी का विजन?
डॉ. सिद्धू ने अपने पोस्ट में लिखा कि उनकी पार्टी “उच्च चेतना की ऊर्जा” के साथ काम करेगी और पंजाब को उसका “खोया हुआ गौरव” वापस दिलाएगी। उन्होंने अपनी पार्टी को राष्ट्रीय स्तर का विकल्प बताते हुए कहा कि उनका लक्ष्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि लोगों को वह अधिकार और न्याय दिलाना है जिसकी वे उम्मीद करते हैं।
“डॉ. सिद्धू का यह कदम कांग्रेस और आप (AAP) दोनों के लिए सिरदर्द बन सकता है। वह उन मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रही हैं जो मौजूदा नेतृत्व से निराश हैं। हालांकि, उनकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू भी अंततः इस पार्टी में शामिल होते हैं,” प्रो. गुरमीत सिंह, अमृतसर स्थित राजनीतिक विश्लेषक ने कहा।
पंजाब की राजनीतिक जंग (2026-27)
वर्तमान में पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार है। 117 सीटों वाली विधानसभा में आप के पास 92 सीटें हैं। वहीं, कांग्रेस आंतरिक कलह से जूझ रही है। शिरोमणि अकाली दल और भाजपा भी अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश में जुटे हैं। ऐसे में डॉ. सिद्धू की ‘भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी’ इस मुकाबले को और अधिक दिलचस्प बना देगी।
एक नई चुनौती
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू का राजनीतिक सफर 2012 में भाजपा से शुरू हुआ था, फिर वह कांग्रेस में आईं और अब अपनी खुद की पार्टी बना ली है। 2027 के चुनावों से पहले, उनकी यह पार्टी पंजाब के ‘सुनहरे राज्य’ (Golden State) बनने के सपने को कितना पूरा कर पाएगी, यह देखना बाकी है। फिलहाल, चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक, सिद्धू के इस नए ‘दांव’ की चर्चा जोरों पर है।




