तमिलनाडु की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब ‘तमिलागा वेत्री कझगम’ (TVK) के अध्यक्ष और अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय ने सोमवार, 6 अप्रैल, 2026 को चेन्नई में अपना चुनावी दौरा अचानक रद्द कर दिया। 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले लिया गया यह निर्णय पुलिस द्वारा लगाए गए “कड़े प्रतिबंधों” और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण लिया गया है।
विजय को आज चेन्नई के विल्लिवाक्कम और टी. नगर क्षेत्रों में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करना था। हालांकि, आखिरी समय में लिए गए इस फैसले ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निराश कर दिया है और प्रशासनिक मशीनरी के साथ एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
अनुमति का विवाद: समय की पाबंदी बनी बाधा
विवाद रविवार रात को शुरू हुआ जब चुनाव आयोग (EC) ने टीवीके द्वारा मांगे गए पांच स्थानों के बजाय केवल दो स्थानों—विल्लिवाक्कम और टी. नगर—पर प्रचार की अनुमति दी। आयोग ने कोयम्बेडु और थिरुमंगलम जैसे क्षेत्रों में अनुमति देने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि ये चेन्नई के प्रमुख परिवहन केंद्र हैं और यहाँ रैली से यातायात ठप हो सकता है।
पार्टी के लिए सबसे बड़ी समस्या आयोग द्वारा दिए गए “एक घंटे” के समय स्लॉट थे। विल्लिवाक्कम के लिए दोपहर 12 से 1 बजे और टी. नगर के लिए दोपहर 2 से 3 बजे का समय दिया गया था। पार्टी का तर्क है कि विजय जैसे लोकप्रिय नेता के लिए, जिनकी एक झलक पाने के लिए लाखों की भीड़ उमड़ती है, एक घंटे में अभियान पूरा करना और फिर भारी ट्रैफिक के बीच दूसरे स्थान पर समय पर पहुँचना व्यावहारिक रूप से असंभव है।
“लगाए गए प्रतिबंध केवल यातायात के बारे में नहीं हैं; वे हमारी पहुंच को रोकने के लिए जानबूझकर किए गए लगते हैं। एक ऐसे नेता के लिए जो लाखों लोगों को आकर्षित करता है, एक घंटे का समय देना वास्तव में अभियान के अधिकार से इनकार करना है। हमने सुरक्षा से समझौता करने के बजाय कार्यक्रम रद्द करना ही बेहतर समझा,” आदव अर्जुन, टीवीके महासचिव (चुनाव अभियान प्रबंधन) ने कहा।
2026 का चुनावी रण और विजय की भूमिका
2026 का विधानसभा चुनाव तमिलनाडु के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि विजय पहली बार अपने प्रशंसकों की ताकत को चुनावी मैदान में परख रहे हैं। टीवीके ने सभी 234 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। विजय स्वयं दो सीटों—उत्तर चेन्नई की पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली (त्रिची) पूर्व—से चुनाव लड़ रहे हैं।
राजनीतिक निहितार्थ
टीवीके के महासचिव एन. आनंद ने एक औपचारिक बयान में कहा कि पुलिस द्वारा बताए गए रूट डायवर्जन और सुरक्षा कारणों से विल्लिवाक्कम का कार्यक्रम रद्द किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से विजय एक “पीड़ित” की छवि बना सकते हैं, जो व्यवस्था से लड़ रहा है।
अब सबकी निगाहें टीवीके के अगले कदम पर हैं। संभावना है कि पार्टी सड़कों पर रैली करने के बजाय अब “इनडोर बैठकों” या डिजिटल माध्यमों से जनता तक पहुँचने की योजना बनाएगी।
