नई दिल्ली – मंगलवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दिल्ली विधानसभा और पास के विधान सभा मेट्रो स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकियाँ मिलीं। ये धमकियाँ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा अपना दूसरा राज्य बजट पेश करने से कुछ घंटे पहले ईमेल के जरिए भेजी गईं, जिससे सुरक्षा एजेंसियाँ हाई-अलर्ट पर आ गईं।
अधिकारियों के अनुसार, पहला धमकी भरा ईमेल सुबह 7:28 बजे विधानसभा के आधिकारिक खाते पर आया, जबकि दूसरा संदेश सुबह 7:49 बजे विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के इनबॉक्स में पहुँचा।
हाई-प्रोफाइल हस्तियां निशाने पर
इन ईमेल में न केवल इमारतों, बल्कि कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों को भी निशाना बनाने की चेतावनी दी गई थी। इस सूची में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नाम शामिल थे।
धमकी मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ते (BDT) और डॉग स्क्वायड ने पूरे परिसर की घेराबंदी कर ली। मेट्रो स्टेशन पर भी सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिससे यात्रियों को थोड़ी देरी का सामना करना पड़ा। डीसीपी (नॉर्थ) राजा बांठिया ने बताया कि अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन बजट सत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
₹1.03 लाख करोड़ का ‘ग्रीन बजट’: मुख्य घोषणाएं
तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹1.03 लाख करोड़ का बजट पेश किया। इस बजट को “विकसित दिल्ली, हरित दिल्ली” (Developed Delhi, Green Delhi) के विजन पर आधारित बताया गया है।
बजट की प्रमुख प्राथमिकताएं निम्नलिखित हैं:
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स्वास्थ्य: स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹6,874 करोड़ से अधिक का आवंटन। ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ योजना का विस्तार।
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शिक्षा: सरकारी स्कूलों का आधुनिकीकरण और छात्रों के लिए बेहतर सुविधाएं। उच्च शिक्षा के लिए नए छात्रावासों का निर्माण।
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पर्यावरण: प्रदूषण नियंत्रण और ग्रीन कवर बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान। इसे एक ‘ग्रीन बजट’ के रूप में पेश किया गया है।
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बुनियादी ढांचा: सड़कों, पानी और कनेक्टिविटी के लिए भारी निवेश। यमुना सफाई के लिए ₹500 करोड़ का आवंटन।
डिजिटल धमकियों का बढ़ता चलन
यह घटना पिछले एक साल में भारत के विभिन्न हवाई अड्डों, स्कूलों और सरकारी इमारतों को मिलने वाली फर्जी (hoax) धमकियों की कड़ी का हिस्सा है। हालांकि, वीवीआईपी (VVIP) हस्तियों के नाम और बजट सत्र के समय को देखते हुए दिल्ली पुलिस की साइबर सेल इस मामले को काफी गंभीरता से ले रही है।
राजधानी में सतर्कता
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया और बजट सत्र में बाधा डालने का एक प्रयास हो सकता है। फिलहाल, सिविल लाइंस और विधानसभा के आसपास भारी पुलिस बल तैनात है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार दिल्ली के नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
