बिहार के पटना स्थित खुसरूपुर रेलवे स्टेशन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें यात्री ट्रेन से उतरकर गीली कंक्रीट (सीमेंट के घोल) पर चलने को मजबूर दिख रहे हैं। आमतौर पर सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने के लिए जनता को कोसा जाता है, लेकिन इस बार इंटरनेट यूजर्स ने रेलवे अधिकारियों की लापरवाही और “कॉमन सेंस” की कमी पर जमकर हमला बोला है।
मुख्य घटनाक्रम और यात्रियों की मजबूरी
यह घटना पटना के खुसरूपुर स्टेशन की बताई जा रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि प्लेटफॉर्म पर निर्माण कार्य चल रहा था और पूरी सतह पर ताजा कंक्रीट बिछाई गई थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर एक ट्रेन आकर रुकी। यात्रियों के पास ट्रेन से उतरने और प्लेटफॉर्म से बाहर निकलने का कोई दूसरा रास्ता नहीं था, जिसके चलते वे उसी गीली कंक्रीट पर चलने लगे।
इंस्टाग्राम पर ‘citizen_kau’ नामक हैंडल से साझा किए गए इस वीडियो को अब तक 1.9 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं। वीडियो में लोग भारी सामान के साथ गीले सीमेंट में धंसते हुए चलते नजर आ रहे हैं, जिससे प्लेटफॉर्म की फिनिशिंग पूरी तरह खराब हो गई।
इंटरनेट पर तीखी प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया यूजर्स ने इस स्थिति को रेलवे विभाग की बड़ी “लापरवाही” करार दिया है। लोगों का कहना है कि जब प्लेटफॉर्म पर काम चल रहा था, तो ट्रेन को किसी दूसरे प्लेटफॉर्म पर क्यों नहीं भेजा गया या उस हिस्से की बैरिकेडिंग क्यों नहीं की गई?
कुछ प्रमुख प्रतिक्रियाएं इस प्रकार रहीं:
-
प्रशासनिक विफलता: एक यूजर ने पूछा, “क्या ब्यूरोक्रेसी में किसी ने यह नहीं सोचा कि ट्रेन वहां रुकेगी? क्या वे उम्मीद कर रहे थे कि लोग जेट पैक का इस्तेमाल करेंगे?”
-
जनता पर आरोप: कई लोगों ने आशंका जताई कि बाद में अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ लेंगे कि “जनता ने ही इसे खराब कर दिया,” जबकि यात्रियों के पास कोई विकल्प ही नहीं था।
-
मजेदार कमेंट्स: एक यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा, “शायद ट्रेन गलती से समय पर आ गई और सीमेंट को सूखने का मौका नहीं दिया।”
रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल
यह मामला न केवल इंजीनियरिंग विभाग और स्टेशन प्रबंधन के बीच समन्वय (Coordination) की कमी को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि निर्माण कार्यों के दौरान यात्रियों की सुविधा को कितनी कम प्राथमिकता दी जाती है। आमतौर पर इस तरह के काम रात में या ट्रेन ट्रैफिक को ब्लॉक करके किए जाते हैं, लेकिन दिन के उजाले में व्यस्त शेड्यूल के बीच गीला सीमेंट डालना अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
निष्कर्ष और आगे की स्थिति
फिलहाल रेलवे की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है। हालांकि, वीडियो के वायरल होने के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। इस लापरवाही के कारण न केवल जनता को परेशानी हुई, बल्कि रेलवे का पैसा और मेहनत भी बर्बाद हुई क्योंकि अब इस प्लेटफॉर्म की मरम्मत दोबारा करनी पड़ेगी।
