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दिल्ली-एनसीआर में दूरसंचार पेंशनभोगियों के लिए सुविधा शिविर

In Topshoot
February 10, 2026
RajneetiGuru.com - दिल्ली-एनसीआर में दूरसंचार पेंशनभोगियों के लिए सुविधा शिविर - AI Generated Image

नई दिल्ली — वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से, दूरसंचार विभाग (DoT) के प्रधान संचार लेखा नियंत्रक (PCCA) ने फरवरी 2026 के दौरान दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में पेंशनभोगी सुविधा शिविरों के आयोजन की घोषणा की है।

ये शिविर विशेष रूप से दूरसंचार पेंशनभोगियों को उनके जीवन प्रमाण (जीवन प्रमाण पत्र) के डिजिटल सबमिशन में सहायता करने के लिए आयोजित किए जा रहे हैं। पेंशन का निर्बाध वितरण सुनिश्चित करने के लिए यह एक अनिवार्य वार्षिक प्रक्रिया है। यह पहल एमटीएनएल (MTNL), बीएसएनएल (BSNL) और दूरसंचार विभाग के बुजुर्ग पूर्व कर्मचारियों को तकनीकी सहायता और शिकायत निवारण प्रदान करने का एक प्रयास है।

फरवरी 2026 सुविधा शिविरों का कार्यक्रम

सुविधा शिविर सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक विभिन्न स्थानों पर संचालित होंगे। पेंशनभोगियों को उनकी सुविधा के अनुसार केंद्रों पर जाने की सलाह दी गई है।

क्रम संख्या स्थान दिनांक
1 एमटीएनएल एक्सचेंज बिल्डिंग, लक्ष्मी नगर, दिल्ली 10 फरवरी, 2026
2 एमटीएनएल एक्सचेंज बिल्डिंग, नजफगढ़, दिल्ली 13 फरवरी, 2026
3 एमटीएनएल एक्सचेंज बिल्डिंग, जनकपुरी, नई दिल्ली 17 फरवरी, 2026
4 एमटीएनएल एक्सचेंज बिल्डिंग, जनकपुरी, नई दिल्ली 19 फरवरी, 2026

इन सचल शिविरों के अलावा, प्रसाद नगर स्थित दिल्ली संचार लेखा भवन में प्रधान संचार लेखा नियंत्रक का मुख्य कार्यालय और जनपथ स्थित ईस्टर्न कोर्ट का एक्सटेंशन काउंटर भी पूरे महीने पेंशनभोगियों की सहायता के लिए उपलब्ध रहेगा।

शिविरों में उपलब्ध मुख्य सेवाएँ

पेंशनभोगियों को किसी भी तकनीकी बाधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए पीसीसीए कार्यालय ने सेवाओं की एक स्पष्ट सूची तैयार की है:

  1. डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) प्रशिक्षण: जीवन प्रमाण पोर्टल का उपयोग करने के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन।

  2. फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक: नवीनतम ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करने के लिए प्रशिक्षण। इसके माध्यम से पेंशनभोगी स्मार्टफोन कैमरे का उपयोग करके प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं, जिससे बायोमेट्रिक स्कैनर की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।

  3. केवाईपी (KYP) अपडेट: ‘नो योर पेंशनर’ (KYP) फॉर्म जमा करने में सहायता। पेंशनभोगियों को एक पासपोर्ट आकार का फोटो और आधार कार्ड की प्रति साथ लाने की सलाह दी जाती है।

  4. शिकायत निवारण: पेंशन में देरी या विसंगतियों से संबंधित प्रश्नों और शिकायतों का मौके पर ही निपटान।

विशेषज्ञों की राय: डिजिटल सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना

डिजिटल सत्यापन की ओर बढ़ने से वरिष्ठ नागरिकों को बैंकों या डाकघरों में भौतिक रूप से जाने की आवश्यकता काफी कम हो गई है। हालांकि, तकनीकी साक्षरता अभी भी एक चुनौती बनी हुई है।

दिल्ली-एनसीआर समन्वय से जुड़े एक वरिष्ठ संचार लेखा अधिकारी ने कहा, “हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तकनीक तक पहुंच की कमी के कारण कोई भी पेंशनभोगी पीछे न छूटे। ये शिविर केवल सत्यापन के लिए नहीं बल्कि सशक्तिकरण के लिए हैं, हमारे वरिष्ठों को ‘फेस ऑथ’ ऐप का उपयोग करना सिखाना है ताकि वे भविष्य में अपने घरों से ही यह प्रक्रिया पूरी कर सकें।”

जीवन प्रमाण का विकास

ऐतिहासिक रूप से, पेंशनभोगियों को पेंशन वितरण एजेंसी (PDA) के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ता था या अधिकृत अधिकारियों द्वारा जारी जीवन प्रमाण पत्र प्रदान करना होता था। 2014 में, भारत सरकार ने जीवन प्रमाण लॉन्च किया, जो एक बायोमेट्रिक-आधारित डिजिटल सेवा है।

यह प्रणाली प्रमाणीकरण के लिए आधार प्लेटफॉर्म का उपयोग करती है। एक बार बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/आइरिस) या फेस स्कैन सफल होने के बाद, एक डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार होता है और ‘लाइफ सर्टिफिकेट रिपोजिटरी’ में जमा हो जाता है, जिसे बैंक या पेंशन एजेंसियां वास्तविक समय में देख सकती हैं। यह उन लोगों के लिए वरदान साबित हुआ है जिनकी गतिशीलता सीमित है।

प्रतिभागियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

  • पात्रता: ये शिविर केवल उन लोगों के लिए हैं जिन्होंने वर्तमान चक्र के लिए अभी तक अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है। यदि आपका प्रमाण पत्र पहले ही सत्यापित हो चुका है, तो आपको शिविर में आने की आवश्यकता नहीं है।

  • आवश्यक दस्तावेज: पेंशनभोगियों को अपना आधार कार्ड, पीपीओ (पेंशन भुगतान आदेश) नंबर, और आधार से जुड़ा मोबाइल फोन (OTP सत्यापन के लिए) साथ लाना होगा।

  • केवाईपी आवश्यकताएं: रिकॉर्ड अपडेट करने वालों के लिए केवाईपी फॉर्म के साथ भौतिक फोटो अनिवार्य है।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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