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आखरी संवाद: अजीत पवार का समावेशी राजनीति का अंतिम संदेश

In Politics
February 04, 2026
RajneetiGuru.com - आखरी संवाद अजीत पवार का समावेशी राजनीति का अंतिम संदेश - Image Credited by Times NOW

मुंबई — महाराष्ट्र के राजनीतिक इतिहास की दिशा बदल देने वाली एक त्रासदी से कुछ क्षण पहले, करोड़ों लोगों के लिए जानी-पहचानी एक आवाज़ ने अपनी अंतिम और दृढ़ विचारधारा को प्रतिध्वनित किया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने आधिकारिक तौर पर राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अंतिम फोन बातचीत का ऑडियो जारी किया है। यह बातचीत 28 जनवरी, 2026 को बारामती के पास उनके विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से मात्र कुछ मिनट पहले हुई थी।

66 वर्षीय दिग्गज नेता, जिन्हें प्यार से “दादा” कहा जाता था, की आवाज़ एक ऐसे संवाद में कैद हुई जो केवल प्रशासनिक बातों से कहीं ऊपर था। इसमें उन्होंने राज्य के सामाजिक-राजनीतिक ताने-बाने—एकता, जातिगत प्रतिनिधित्व और धर्मनिरपेक्ष न्याय पर ध्यान केंद्रित किया। सुबह 8:37 बजे हुई यह कॉल, ‘लियरजेट 45’ के दुखद अंत से मुश्किल से दस मिनट पहले हुई थी।

अंतिम कॉल का विवरण

यह बातचीत अजीत पवार के पैतृक गांव के एक पार्टी कार्यकर्ता और दूर के रिश्तेदार श्रीजीत पवार के साथ हुई थी। श्रीजीत के अनुसार, यह कॉल उनके द्वारा स्थानीय प्रतिनिधित्व के संबंध में भेजे गए एक संदेश का जवाब थी।

श्रीजीत पवार ने बारामती में संवाददाताओं से कहा, “अजीत दादा और मैं एक ही गांव के हैं। मैंने उन्हें एक निश्चित मामले के संबंध में संदेश भेजा था। जैसे ही वे नेटवर्क क्षेत्र में आए, उन्होंने मुझे वापस कॉल किया। वे अपनी बात पर अडिग और स्पष्ट थे, यहाँ तक कि उन क्षणों में भी जब हमें यह नहीं पता था कि यह उनकी अंतिम बातचीत होगी।”

रिकॉर्डिंग में पवार को जिला परिषद चुनावों, विशेष रूप से ‘सुपे समूह’ के लिए अपनी चयन प्रक्रिया का बचाव करते हुए सुना जा सकता है। उन्होंने कहा, “हम सभी जातियों और धर्मों को अपने साथ लेकर चलते हैं… माली समुदाय को प्रतिनिधित्व दिया गया है… हमने सभी को न्याय देने की कोशिश की है।”

एनसीपी नेतृत्व ने कहा कि ऑडियो को सार्वजनिक करने का निर्णय पवार के अंतिम विचारों को अमर बनाने की इच्छा से प्रेरित था। श्रीजीत ने आगे कहा, “यह इस ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग को सभी के ध्यान में लाने का एक प्रयास है ताकि महाराष्ट्र जान सके कि अजीत दादा के अंतिम सांस तक क्या विचार थे।”

दुखद यात्रा: 28 जनवरी, 2026

अजीत पवार के अंतिम दिन की शुरुआत सुबह 8:00 बजे मुंबई के घरेलू टर्मिनल से हुई। वे दिल्ली स्थित फर्म ‘वीएसआर वेंचर्स’ द्वारा संचालित एक ‘लियरजेट 45’ में सवार हुए, जो उनके राजनीतिक गढ़ बारामती जा रहा था। दिग्गज नेता को महत्वपूर्ण स्थानीय निकाय चुनावों से पहले अपने गृहनगर में एक के बाद एक चार चुनावी रैलियों को संबोधित करना था।

विमान बारामती हवाई अड्डे के आसपास पहुँचने तक सामान्य रूप से आगे बढ़ा। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, विमान ने लगभग 8:40 बजे लैंडिंग का पहला प्रयास किया, लेकिन अज्ञात तकनीकी या पर्यावरणीय कारकों के कारण उसे टाल दिया गया। सुबह 8:45 बजे दूसरे प्रयास के दौरान विमान ने तेजी से ऊंचाई खो दी और दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

इस त्रासदी में पांच लोगों की जान चली गई:

  • अजीत पवार, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री।

  • सुमित कपूर, मुख्य पायलट।

  • शांभवी पाठक, प्रथम अधिकारी।

  • उनका निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) और एक अटेंडेंट।

प्रशासनिक विरासत: छह बार के उपमुख्यमंत्री

अजीत पवार का निधन महाराष्ट्र की राजनीति में एक युग के अंत का प्रतीक है। उनके नाम सबसे लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड दर्ज है, जो राज्य के गठबंधन प्रधान राजनीतिक परिदृश्य में उनकी अपरिहार्यता का प्रमाण है। विभिन्न विचारधाराओं वाली सरकारों में काम करने की उनकी क्षमता अद्वितीय थी। उन्होंने निम्नलिखित मुख्यमंत्रियों के मंत्रिमंडल में सेवा की:

  • पृथ्वीराज चव्हाण (कांग्रेस-एनसीपी)

  • देवेन्द्र फड़नवीस (भाजपा-एनसीपी)

  • उद्धव ठाकरे (महा विकास अघाड़ी)

  • एकनाथ शिंदे (महायुति)

बारीकियों पर नज़र रखने वाले एक “सख्त प्रशासक” के रूप में जाने जाने वाले पवार पुणे के बुनियादी ढांचे के विकास और बारामती को एक मॉडल टाउनशिप में बदलने के पीछे की मुख्य शक्ति थे।

मुंबई के वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक डॉ. हेमंत देशमुख ने कहा, “अजीत दादा महाराष्ट्र के ‘कार्यकारी’ (Executive) थे। आप उनकी राजनीति से सहमत हों या नहीं, लेकिन आप उनकी कार्यक्षमता की उपेक्षा नहीं कर सकते थे। उनकी अंतिम कॉल साबित करती है कि अंत में भी वे जमीनी स्तर के प्रतिनिधित्व और यह सुनिश्चित करने के लिए चिंतित थे कि कोई भी समुदाय पीछे न छूटे।”

राजनीतिक उत्तराधिकार: सुनेत्रा पवार की नियुक्ति

उनके आकस्मिक निधन से उत्पन्न शून्य के बीच, राज्य सरकार ने पार्टी और प्रशासन दोनों में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए तेजी से कदम उठाए। एक मार्मिक और रणनीतिक कदम के तहत, अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई।

उन्हें पुणे का पालक मंत्री भी नियुक्त किया गया है, जो उस जिले की जिम्मेदारी संभाल रही हैं जिसे उनके पति ने तीन दशकों से अधिक समय तक सींचा था। हालांकि यह नियुक्ति एनसीपी के “अजीत पवार गुट” के लिए निरंतरता का एहसास कराती है, लेकिन आगामी स्थानीय निकाय चुनाव उनके प्राथमिक रणनीतिकार के बिना पार्टी की ताकत की पहली वास्तविक परीक्षा होंगे।

लियरजेट 45 और वीएसआर वेंचर्स

लियरजेट 45‘ एक मध्यम आकार का बिजनेस जेट है जो अपनी गति और दक्षता के लिए जाना जाता है। हालांकि, इस दुर्घटना ने निजी चार्टर फर्मों के रखरखाव प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुर्घटनाग्रस्त विमान के संचालक ‘वीएसआर वेंचर्स’ की वर्तमान में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा जांच की जा रही है। यह घटना रायपुर में 2023 की दुर्घटना और अन्य हालिया सामान्य विमानन दुर्घटनाओं की याद दिलाती है, जिससे भारत में वी.आई.पी. परिवहन के लिए सख्त सुरक्षा ऑडिट की मांग तेज हो गई है।

जैसे ही महाराष्ट्र शोक मना रहा है, “सुबह 8:37 बजे का ऑडियो” उस नेता के लिए एक डिजिटल समाधि-लेख (epitaph) के रूप में कार्य करता है जो राजनीतिक सक्रियता के बीच जिया और उसी के बीच विदा हुआ, और पीछे “सभी के लिए न्याय” का संदेश छोड़ गया।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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