18 views 9 secs 0 comments

बंगाल की नब्ज: भाजपा की मामूली बढ़त के बीच टीएमसी का दबदबा बरकरार

In Politics
January 29, 2026
RajneetiGuru.com - बंगाल की नब्ज भाजपा की मामूली बढ़त के बीच टीएमसी का दबदबा बरकरार - Image Credited by India Today

कोलकाता — जैसे-जैसे पश्चिम बंगाल 2026 के विधानसभा चुनावों की ओर बढ़ रहा है, वहां का राजनीतिक परिदृश्य तीव्र प्रतिस्पर्धा और ध्रुवीकरण का केंद्र बना हुआ है। जनवरी 2026 में जारी ‘इंडिया टुडे-सीवोटर मूड ऑफ द नेशन’ (MOTN) के नवीनतम सर्वेक्षण के अनुसार, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) अभी भी अपनी पकड़ बनाए हुए है, हालांकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की स्थिति में मामूली सुधार के संकेत मिल रहे हैं।

यह सर्वेक्षण, जो विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले जनता की पसंद का एक महत्वपूर्ण संकेतक है, बताता है कि यदि आज लोकसभा चुनाव होते हैं, तो टीएमसी 28 सीटें हासिल करेगी, जो 2024 की इसकी 29 सीटों की तुलना में एक मामूली गिरावट है। इसके विपरीत, भाजपा को 14 सीटें मिलने का अनुमान है, जो 2024 में जीती गई 12 सीटों से अधिक है और अगस्त 2025 के सर्वेक्षण में अनुमानित 11 सीटों से एक उल्लेखनीय छलांग है।

द्विध्रुवीय मुकाबला: सीटों और वोट शेयर का गणित

MOTN सर्वे बंगाल की राजनीति के द्विध्रुवीय (bipolar) होने की पुष्टि करता है। भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के वोट शेयर में तीन प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है, जो 39% से बढ़कर 42% हो सकता है। इस वृद्धि के बावजूद, टीएमसी का संगठनात्मक ढांचा और क्षेत्रीय पकड़ भाजपा की “भगवा लहर” के खिलाफ एक मजबूत दीवार की तरह खड़ी नजर आती है।

सर्वेक्षण के मुख्य बिंदु:

  • टीएमसी की सीटें: 28 (अगस्त 2025 में 31 का अनुमान था)।

  • भाजपा की सीटें: 14 (अगस्त 2025 में 11 का अनुमान था)।

  • NDA वोट शेयर: 42% (2024 के चुनाव के बाद से 3% की वृद्धि)।

‘SIR’ फैक्टर और चुनावी निष्पक्षता पर छिड़ी जंग

वर्तमान राजनीतिक चर्चा का एक बड़ा मुद्दा मतदाता सूचियों का विशेष गहन संशोधन (SIR) है। निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित यह प्रक्रिया 14 फरवरी, 2026 तक समाप्त होने वाली है। जहां सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा ने “स्वच्छ” मतदाता सूची की मांग की है ताकि कथित घुसपैठियों को हटाया जा सके, वहीं टीएमसी ने भाजपा पर प्रशासनिक प्रक्रिया के बहाने वैध मतदाताओं को हटाने का आरोप लगाया है।

भाजपा ने चुनाव की तैयारी के लिए राज्य को पांच उच्च-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों (Zones) में विभाजित किया है, जिसमें उत्तर बंगाल और कोलकाता मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र शामिल हैं। पार्टी ने बूथ स्तर पर डेटा को मजबूत करने के लिए दूसरे राज्यों के वरिष्ठ नेताओं को भी तैनात किया है।

“पश्चिम बंगाल तेजी से एक द्विध्रुवीय मुकाबले में बदल रहा है और यहां ध्रुवीकरण और भी तीव्र हो गया है। क्षेत्रीय दल (टीएमसी) की प्रासंगिकता बरकरार है, भले ही भाजपा अपना आधार मजबूत कर रही हो,” सीवोटर के संस्थापक-निदेशक यशवंत देशमुख ने राज्य की अद्वितीय राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा।

पृष्ठभूमि: 2024 का संदर्भ और 2026 की चुनौतियां

2024 के लोकसभा चुनावों में, टीएमसी ने एग्जिट पोल को धता बताते हुए 42 में से 29 सीटें जीती थीं, जो 2019 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन था। भाजपा, जो राष्ट्रीय स्तर पर “400 पार” की उम्मीद कर रही थी, बंगाल में 12 सीटों तक सिमट गई थी।

ममता बनर्जी के लिए 2026 का विधानसभा चुनाव लगातार चौथी बार सत्ता में आने का ऐतिहासिक प्रयास है। वहीं, बिहार और महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में हालिया जीत से उत्साहित भाजपा के लिए बंगाल पूर्व में विस्तार का “अंतिम मोर्चा” बना हुआ है। सर्वे संकेत देता है कि देश भर में ‘ब्रांड मोदी’ के प्रति विश्वास बरकरार है, लेकिन बंगाल के ग्रामीण और अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में ‘दीदी’ का प्रभाव अभी भी सबसे बड़ी चुनौती है।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

/ Published posts: 367

अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

Instagram