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बारामती में त्रासदी: अजीत पवार की विमान दुर्घटना से पहले दृश्यता पर सवाल

In Politics
January 28, 2026
RajneetiGuru.com - बारामती में त्रासदी अजीत पवार की विमान दुर्घटना से पहले दृश्यता पर सवाल - Image credited by Newsable Asianet News

मुंबई/बारामती — महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य को एक बड़ा झटका देते हुए, उप मुख्यमंत्री अजीत पवार और चार अन्य लोगों की बुधवार सुबह एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई। बारामती हवाई अड्डे पर उतरने के प्रयास के दौरान उनका चार्टर्ड विमान ‘लियरजेट 45’ (पंजीकरण VT-SSK) दुर्घटनाग्रस्त होकर आग के गोले में तब्दील हो गया। इस हादसे से कुछ क्षण पहले, पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को कम दृश्यता (visibility) की जानकारी दी थी, जो अब जांच का मुख्य बिंदु बन गया है।

66 वर्षीय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता मुंबई से अपने गढ़ बारामती जा रहे थे, जहाँ उन्हें 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनावों के लिए कई जनसभाओं को संबोधित करना था। महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है।

त्रासदी का घटनाक्रम: मुंबई से बारामती का सफर

यह दुखद यात्रा सुबह 8:10 बजे शुरू हुई जब विमान ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी।

अंतिम क्षणों का विवरण:

  • सुबह 08:40 बजे: पायलट ने घने कोहरे के कारण “रनवे दिखाई नहीं देने” की सूचना दी और लैंडिंग का प्रयास टालते हुए ‘गो-अराउंड’ (विमान को फिर से ऊंचाई पर ले जाना) किया।

  • सुबह 08:43 बजे: दूसरे प्रयास में, पायलट ने रनवे दिखाई देने की सूचना दी। ATC ने रनवे 11 पर उतरने की अनुमति दी।

  • सुबह 08:44 बजे: विमान की ओर से कोई उत्तर नहीं मिला और रनवे की दहलीज पर एक भयानक विस्फोट देखा गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान उतरते समय असंतुलित दिखाई दे रहा था और जमीन से टकराते ही उसमें चार-पांच सिलसिलेवार विस्फोट हुए। आग इतनी भीषण थी कि स्थानीय लोग पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके।

मारे गए पांच लोगों का विवरण

नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने पुष्टि की है कि विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई है:

  1. अजीत पवार: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री।

  2. कैप्टन सुमित कपूर: 16,000 से अधिक घंटों का अनुभव रखने वाले वरिष्ठ पायलट।

  3. कैप्टन शांभवी पाठक: सह-पायलट (फर्स्ट ऑफिसर)।

  4. विदिप जाधव: अजीत पवार के निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO)।

  5. पिंकी माली: फ्लाइट अटेंडेंट।

विशेषज्ञों की राय और जांच

हादसे की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को सौंप दी गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बारामती में दृश्यता केवल 3,000 मीटर थी, जबकि सुरक्षित लैंडिंग के लिए यह कम से कम पांच किलोमीटर होनी चाहिए थी।

केंद्रीय विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा: “प्रारंभिक सूचना से पता चलता है कि लैंडिंग के समय दृश्यता बहुत कम थी। हम और विवरण जुटा रहे हैं और जांच पारदर्शी तरीके से की जाएगी।”

बारामती के ‘दादा’ का राजनीतिक सफर

अजीत पवार, जिन्हें उनके समर्थक ‘दादा’ कहते थे, महाराष्ट्र की राजनीति के एक धुरंधर खिलाड़ी थे। 22 जुलाई 1959 को जन्मे अजीत पवार ने 1982 में अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। वे छह बार महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री रहे और बारामती के विकास में उनकी केंद्रीय भूमिका रही। उनके निधन से राज्य की राजनीति में एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है जिसे भरना आसान नहीं होगा।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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