40 views 1 sec 0 comments

डिजिटल हाज़िरी से संसद में सांसद उपस्थिति बढ़ी

In National
January 24, 2026
डिजिटल हाज़िरी से सांसद उपस्थिति में वृद्धि

नई दिल्ली — संसद में सांसदों की उपस्थिति दर डिजिटल प्रणाली के लागू होने के बाद उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। 15वीं लोकसभा में जहां औसत उपस्थिति लगभग 76% थी, वहीं 18वीं लोकसभा में यह आंकड़ा 87% तक पहुँच गया है। इस वृद्धि का श्रेय बड़े हिस्से में संसद द्वारा अपनाए गए डिजिटल हाज़िरी प्रणाली को दिया जा रहा है, जिसने पारंपरिक हस्ताक्षर आधारित प्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़ा है।

लोकसभा के सत्रों में अब सांसदों को अपनी उपस्थिति केवल डिजिटल कंसोल या मल्टी‑मीडिया डिवाइस के माध्यम से दर्ज करनी होती है, जो उनके निर्धारित सीट पर मौजूद रहते हुए अनिवार्य है। इससे न केवल उपस्थिति प्रक्रिया तेज़ हुई है, बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि सांसद वास्तव में सदन में उपस्थित रहे।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, “उपस्थिति केवल संसद में सक्रिय सहभागिता का ही मापदंड नहीं है, बल्कि यह पारदर्शिता, अनुशासन और जवाबदेही का प्रतीक है।”

लोकसभा के पिछले चार कार्यकालों में सांसदों की औसत उपस्थिति में वृद्धि दर्ज की गई है। 15वीं लोकसभा में औसत उपस्थिति 76% थी, 16वीं में लगभग 80%, 17वीं में 78.9%, और वर्तमान 18वीं लोकसभा में यह 87% तक पहुँच चुकी है।

एक विशेष उपलब्धि यह है कि 100% उपस्थिति वाले सांसदों की संख्या भी बढ़ गई है। 15वीं लोकसभा में केवल चार सांसदों ने सभी सत्रों में उपस्थिति दर्ज की थी; 18वीं लोकसभा में अब तक 29 सांसदों ने 100% उपस्थिति दर्ज की है। इनमें से 13 भाजपा के, आठ कांग्रेस के, छह समाजवादी पार्टी के तथा एक‑एक सांसद राष्ट्रीय लोक दल और सीपीआई(एम‑एल) से हैं।

उपस्थिति दर में सुधार के साथ ही 50% से कम उपस्थिति वाले सांसदों की संख्या भी कम हुई है। 15वीं लोकसभा में इस श्रेणी में 42 सांसद थे, जबकि 18वीं में यह संख्या घटकर 17 रह गई है। इसी तरह, 80% से कम उपस्थिति वाले सांसदों की संख्या भी उल्लेखनीय रूप से घट गई है।

राज्यवार विश्लेषण से पता चलता है कि कुछ राज्यों के सांसदों की औसत उपस्थिति 95% से अधिक है, जबकि कुछ राज्यों में यह औसतन 60% के आसपास है।

बजट सत्र से लागू हुए नए attendance नियमों के तहत सांसद सिर्फ तभी उपस्थिति दर्ज कर पाएंगे जब वे सदन में बैठकर डिजिटल कंसोल का उपयोग करेंगे। इससे पुराने समय‑खपत वाले रजिस्टर सिस्टम को पूरी तरह समाप्त किया गया, जिससे उपस्थिति प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनुशासन बढ़ा।

कुछ सांसदों का मानना है कि यदि उपस्थिति का उद्देश्य जवाबदेही और पारदर्शिता है, तो इसे सभी के लिए समान रूप से लागू किया जाना चाहिए और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

परंपरागत रूप से सांसद अपनी उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करके दर्ज करते थे, जिससे कतार और देरी का सामना करना पड़ता था। डिजिटल प्रणाली के लागू होने से समय की बचत हुई और यह सुनिश्चित हुआ कि सदस्य सदन की वास्तविक कार्यवाही में भाग ले रहे हैं।

डिजिटल हाज़िरी प्रणाली का उद्देश्य केवल attendance रिकॉर्ड करना नहीं है, बल्कि संसदीय कार्यों की जवाबदेही, पारदर्शिता और समय‑समर्पण को बढ़ावा देना है। तकनीकी बदलाव और नियमों में सख्ती के कारण सांसदों की भागीदारी में सुधार हुआ है, जिससे लोकतंत्र की गुणवत्ता बेहतर हुई है।

इस प्रकार, डिजिटल attendance प्रणाली ने संसद में उपस्थिति दरों में वृद्धि के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

Author

  • नमस्ते, मैं सब्यसाची बिस्वास हूँ — आप मुझे सबी भी कह सकते हैं!
    दिल से एक कहानीकार, मैं हर क्लिक, हर स्क्रॉल और हर नए विचार में रचनात्मकता खोजता हूँ। चाहे दिल से लिखे गए शब्दों से जुड़ाव बनाना हो, कॉफी के साथ नए विचारों पर काम करना हो, या बस आसपास की दुनिया को महसूस करना — मैं हमेशा उन कहानियों की तलाश में रहता हूँ जो असर छोड़ जाएँ।

    मुझे शब्दों, कला और विचारों के मेल से नई दुनिया बनाना पसंद है। जब मैं लिख नहीं रहा होता या कुछ नया सोच नहीं रहा होता, तब मुझे नई कैफ़े जगहों की खोज करना, अनायास पलों को कैमरे में कैद करना या अपने अगले प्रोजेक्ट के लिए नोट्स लिखना अच्छा लगता है।
    हमेशा सीखते रहना और आगे बढ़ना — यही मेरा जीवन और लेखन का मंत्र है।

    Connect:

    Rajneeti Guru Author

/ Published posts: 374

नमस्ते, मैं सब्यसाची बिस्वास हूँ — आप मुझे सबी भी कह सकते हैं!
दिल से एक कहानीकार, मैं हर क्लिक, हर स्क्रॉल और हर नए विचार में रचनात्मकता खोजता हूँ। चाहे दिल से लिखे गए शब्दों से जुड़ाव बनाना हो, कॉफी के साथ नए विचारों पर काम करना हो, या बस आसपास की दुनिया को महसूस करना — मैं हमेशा उन कहानियों की तलाश में रहता हूँ जो असर छोड़ जाएँ।

मुझे शब्दों, कला और विचारों के मेल से नई दुनिया बनाना पसंद है। जब मैं लिख नहीं रहा होता या कुछ नया सोच नहीं रहा होता, तब मुझे नई कैफ़े जगहों की खोज करना, अनायास पलों को कैमरे में कैद करना या अपने अगले प्रोजेक्ट के लिए नोट्स लिखना अच्छा लगता है।
हमेशा सीखते रहना और आगे बढ़ना — यही मेरा जीवन और लेखन का मंत्र है।

Connect:

Rajneeti Guru Author