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मुंबई का बेलासिस फ्लाईओवर जल्द होगा शुरू: मिलेगी राहत

In Metro
January 21, 2026
Rajneetiguru.com - मुंबई का बेलासिस फ्लाईओवर जल्द होगा शुरू मिलेगी राहत - Image Credited by Times NOW

मुंबई — मुंबई के पुराने बुनियादी ढांचे और पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी को एक बड़ी मजबूती देते हुए, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने प्रतिष्ठित बेलासिस फ्लाईओवर (Bellasis Flyover) के पुनर्निर्माण कार्य को पूरा करने की घोषणा की है। 130 साल से अधिक पुराने इतिहास वाले इस पुल का पुनर्निर्माण मात्र 15 महीने और छह दिनों में पूरा कर लिया गया—जो कि इसके निर्धारित 19 महीने के समय से चार महीने पहले है।

ताड़देव, नागपाड़ा और मुंबई सेंट्रल जैसे व्यस्त इलाकों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण लिंक के फिर से खुलने से उन हजारों यात्रियों को भारी राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें पुराना ढांचा असुरक्षित घोषित होने और तोड़े जाने के बाद से भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा था।

इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण

बेलासिस फ्लाईओवर के पुनर्निर्माण को मुंबई के बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में दक्षता के एक दुर्लभ उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। सितंबर 2024 में वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद, 1 अक्टूबर 2024 को आधिकारिक तौर पर काम शुरू हुआ था। दक्षिण मुंबई के सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में से एक में काम करने की जटिलताओं के बावजूद, बीएमसी और पश्चिम रेलवे ने परियोजना को तेजी से पूरा करने में सफलता प्राप्त की।

बीएमसी के पुल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “समय से पहले सफल समापन यह दर्शाता है कि सख्त योजना और कुशल कार्यान्वयन के माध्यम से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को निर्धारित समय से पहले पूरा किया जा सकता है। नगर निगम अधिकारियों और रेलवे के बीच समन्वय इस सफलता की आधारशिला थी।”

परियोजना को कई बाधाओं का सामना करना पड़ा, जिसमें बेस्ट (BEST) बसों के विशाल बेड़े का मार्ग परिवर्तन और भूमि अतिक्रमण से संबंधित कानूनी कार्यवाही शामिल थी। मानसून के दौरान काम न रुके, इसके लिए इंजीनियरों ने चरणबद्ध योजना लागू की। जहां पश्चिम रेलवे ने मुंबई सेंट्रल में रेलवे पटरियों के ठीक ऊपर के हिस्से को संभाला, वहीं बीएमसी ने गर्डर ब्रेसिंग, डेक शीट स्थापना और एप्रोच रोड के निर्माण का प्रबंधन किया।

130 साल पुरानी विरासत की बहाली

19वीं सदी के उत्तरार्ध में ब्रिटिश काल के दौरान निर्मित बेलासिस फ्लाईओवर लंबे समय से मुंबई के विकास का गवाह रहा है। 333 मीटर लंबा यह पुल ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के एक प्रमुख व्यक्ति मेजर जनरल जॉन बेलासिस के नाम पर रखा गया था। दशकों तक, यह पुल दक्षिण मुंबई के लिए एक जीवन रेखा बना रहा।

हालांकि, 2018 के बाद (अंधेरी में गोखले ब्रिज गिरने के बाद) किए गए स्ट्रक्चरल ऑडिट में पता चला कि 130 साल पुराना यह लोहा और स्टील का ढांचा अपनी उम्र पूरी कर चुका है। जंग और आधुनिक यातायात के बोझ ने पुल को खतरनाक बना दिया था।

नया ढांचा मूल आयामों को बनाए रखते हुए आधुनिक मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है। इसमें 7 मीटर चौड़ा कैरिजवे (सड़क) और दोनों तरफ विशाल फुटपाथ हैं, जिससे पैदल चलने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

परिचालन स्थिति और सार्वजनिक राहत

हालांकि निर्माण कार्य भौतिक रूप से पूरा हो चुका है, लेकिन फ्लाईओवर अभी कुछ दिनों के लिए जनता के लिए बंद रहेगा। 6 जनवरी 2026 तक अंतिम निरीक्षण और सुरक्षा प्रमाणन का काम पूरा कर लिया गया था। पुल अब रेलवे अधिकारियों से अंतिम अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलने का इंतजार कर रहा है, जो सक्रिय रेलवे लाइनों के ऊपर बने ढांचों के लिए एक मानक प्रक्रिया है।

एक बार खुलने के बाद, यह फ्लाईओवर जहांगीर बोमन बेहराम मार्ग और आसपास की सड़कों पर लगने वाले भीषण जाम को काफी कम कर देगा। पिछले लगभग दो वर्षों से, इस मार्ग के बंद होने के कारण ट्रैफिक को संकरी समानांतर सड़कों पर जाना पड़ रहा था, जिससे यात्रियों का दैनिक समय 30 से 45 मिनट बढ़ गया था।

परिवहन विशेषज्ञ वेदांत मालवीय ने कहा:

“बेलासिस फ्लाईओवर केवल एक पुल नहीं है; यह दक्षिण मुंबई की एक धमनी है। इसके बंद होने से पश्चिमी उपनगरों और मध्य व्यावसायिक जिलों के बीच आवाजाही ठप हो गई थी। इसे समय से पहले पूरा करना बीएमसी के लिए एक बड़ी जीत है। यह रे रोड और कार्नाक ब्रिज जैसे अन्य औपनिवेशिक काल के पुलों के पुनर्निर्माण के लिए एक नया मानक स्थापित करता है।”

कनेक्टिविटी पर व्यापक प्रभाव

इस परियोजना का पूरा होना शहर भर में ब्रिटिश काल के पुराने पुलों को बदलने की बीएमसी की एक बड़ी पहल का हिस्सा है। ताड़देव और नागपाड़ा के निवासियों के लिए, इसका मतलब है मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन और नजदीकी अस्पतालों तक सीधी पहुंच की वापसी।

बीएमसी ने पुष्टि की है कि हाई-ग्रेड बिटुमेन सरफेसिंग, क्रैश बैरियर और एलईडी स्ट्रीट लाइटिंग सहित सभी आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं स्थापित कर दी गई हैं। नागरिक निकाय को उम्मीद है कि अगले एक सप्ताह के भीतर एनओसी प्राप्त हो जाएगी, जिसके बाद इसका औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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