मुंबई — भारी उत्साह और बदलती राजनीतिक लहरों के बीच, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों में एक महत्वपूर्ण शुरुआती बढ़त हासिल की है। धारावी के वॉर्ड 183 से पार्टी की उम्मीदवार आशा दीपक काले ने एक बड़ी जीत दर्ज की है। उन्होंने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की उम्मीदवार वैशाली शेवाले को लगभग 1,450 मतों के अंतर से हराया।
एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती मानी जाने वाली धारावी हमेशा से मुंबई में जमीनी पकड़ का पैमाना रही है। काले की यह जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि उन्होंने पूर्व सांसद राहुल शेवाले की रिश्तेदार को उस मुकाबले में मात दी, जहाँ महायुति और महा विकास अघाड़ी (एमवीए) दोनों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी।
शुरुआती रुझान: दो गढ़ों की कहानी
जहाँ मध्य मुंबई में कांग्रेस ने अपना दबदबा दिखाया, वहीं पूर्वी उपनगरों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी बढ़ती पैठ का प्रदर्शन किया। मानखुर्द के वॉर्ड 135 में भाजपा के युवा चेहरे नवनाथ बन ने एक बड़ा उलटफेर करते हुए शिवसेना (यूबीटी) की समीक्षा साकरे को 8,500 से अधिक मतों से पराजित किया। मानखुर्द जैसे क्षेत्र में भाजपा की यह जीत राजनीतिक विश्लेषकों के लिए चौंकाने वाली है, क्योंकि यह क्षेत्र पारंपरिक रूप से विपक्ष का गढ़ रहा है।
चुनाव सांख्यिकी: मुंबई का मिजाज
गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को हुए बीएमसी चुनावों में कुल 52.94% मतदान दर्ज किया गया। हालांकि यह 2017 के 55.53% से थोड़ा कम है, फिर भी यह भागीदारी मुंबई के नागरिक चुनावों के लिए उच्च मानी जा रही है।
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कुल मतदाता: 1.24 करोड़ से अधिक।
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कुल उम्मीदवार: 227 सीटों के लिए करीब 1,700।
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सर्वाधिक मतदान: भांडुप (वॉर्ड 114) में 64.53%।
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न्यूनतम मतदान: कोलाबा (वॉर्ड 227) में 20.88%।
मुंबई के 23 केंद्रों पर मतगणना कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है। बीएमसी की मतगणना की प्रक्रिया चरणों में हो रही है, जिससे परिणाम धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं और राजनीतिक दलों के बीच उत्सुकता बनी हुई है।
विशेषज्ञों की राय: विचारधारा बनाम बुनियादी ढांचा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये शुरुआती परिणाम विशिष्ट क्षेत्रों में खंडित जनादेश की ओर इशारा करते हैं। मुंबई विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. मृदुल नीले ने कहा:
“धारावी जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के होने से अक्सर वोट बंट जाते हैं, जिसका लाभ उस चेहरे को मिलता है जिसकी स्थानीय पकड़ सबसे मजबूत होती है। आशा काले की जीत दिखाती है कि राज्य स्तर पर बड़े बदलावों के बावजूद, कांग्रेस का पारंपरिक आधार यहाँ अभी भी मजबूत है। दूसरी ओर, मानखुर्द में भाजपा की जीत संकेत देती है कि मतदाता अब ‘विकास की आकांक्षा’ को समुदाय आधारित राजनीति से ऊपर रख रहे हैं।”
देश की सबसे धनी नगर निकाय
बीएमसी को भारतीय स्थानीय प्रशासन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, जिसका वार्षिक बजट ₹74,000 करोड़ से अधिक है। मार्च 2022 से यह निकाय प्रशासक के अधीन है। इस बार के चुनाव इसलिए भी विशेष हैं क्योंकि ठाकरे भाई (उद्धव और राज) एक ही विचारधारात्मक दिशा में चलते हुए भाजपा-शिंदे गठबंधन को चुनौती दे रहे हैं।
निष्कर्ष
जैसे-जैसे मतगणना अंतिम चरणों में पहुँच रही है, महायुति गठबंधन बहुमत के 114 सीटों के जादुई आंकड़े के करीब पहुँचता दिख रहा है। हालांकि, कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के कुछ उम्मीदवारों का जुझारू प्रदर्शन यह सुनिश्चित कर रहा है कि मुंबई की सत्ता का संघर्ष आधी रात तक बना रहेगा।
