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प्रतीका रावल ने एआई-संपादित तस्वीरों के दुरुपयोग पर जताई आपत्ति

In Crime
January 07, 2026
Rajneetiguru.com - प्रतीका रावल ने एआई-संपादित तस्वीरों के दुरुपयोग पर जताई आपत्ति - Image Credited by The Economic Times

डिजिटल शोहरत अक्सर अपने साथ एक अदृश्य कीमत लेकर आती है, और भारत की उभरती क्रिकेट सनसनी प्रतीका रावल को यह बात अब कड़वे अनुभव से समझ आ रही है। 2025 महिला वनडे विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद, 25 वर्षीय यह सलामी बल्लेबाज न केवल एक राष्ट्रीय नायक बनी हैं, बल्कि डीपफेक तकनीक और गैर-सहमति वाले डिजिटल संपादन का शिकार भी हुई हैं।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब रावल की तस्वीरों के कुछ संपादित संस्करण—जिनमें से कुछ को ‘जेनेरेटिव एआई’ के माध्यम से अश्लील या आपत्तिजनक बनाया गया था—सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर प्रसारित होने लगे। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए, रावल ने एआई सहायक ‘ग्रोक’ (Grok) को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी सहमति के बिना उनकी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रतीका ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मैं आपको अपनी किसी भी फोटो को लेने, बदलने या संपादित करने के लिए अधिकृत नहीं करती हूं… यदि कोई तीसरा पक्ष आपसे मेरी किसी फोटो में किसी भी प्रकार का संपादन करने के लिए कहता है, तो कृपया उस अनुरोध को अस्वीकार कर दें।”

इस घटना ने भारत में डिजिटल गोपनीयता, एआई की नैतिक सीमाओं और उच्च गति वाली गलत सूचनाओं के युग में महिला हस्तियों की सुरक्षा को लेकर एक व्यापक बहस छेड़ दी है।

विश्व कप में ऐतिहासिक प्रदर्शन

यह डिजिटल विवाद उस समय आया है जब भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास का सबसे सफल अध्याय लिखा गया है। भारत की मेजबानी में खेले गए 2025 महिला वनडे विश्व कप में, ‘विमेन इन ब्लू’ ने 2 नवंबर, 2025 को नवी मुंबई में खेले गए फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर अपना पहला विश्व खिताब जीता।29

प्रतीका रावल पूरे टूर्नामेंट में भारत की आक्रामक बल्लेबाजी रणनीति की धुरी बनी रहीं।

खिलाड़ी रन औसत टीम
लौरा वोल्वार्ड्ट 571 81.57 दक्षिण अफ्रीका
स्मृति मंधाना 434 62.00 भारत
एशले गार्डनर30 32831 46.8532 ऑस्ट्रेलिया33
प्रतीका रावल34 30835 51.3336 भारत37

हालांकि बांग्लादेश के खिलाफ अंतिम ग्रुप-चरण के मैच में लगी गंभीर टखने की चोट के कारण वह सेमीफाइनल और फाइनल नहीं खेल पाईं, लेकिन फिर भी वह टूर्नामेंट में चौथी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी रहीं। न्यूजीलैंड के खिलाफ उनके शानदार शतक और शुरुआती मैचों में उनके योगदान ने टीम को वह गति प्रदान की, जिससे भारत अंततः गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को बाहर करने में सफल रहा।

राजधानी में सम्मान और पुरस्कारों की बौछार

प्रतीका के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए, दिल्ली सरकार ने इस स्थानीय प्रतिभा के लिए भारी पुरस्कार की घोषणा की है। जनसेवा सदन में आयोजित एक सम्मान समारोह में, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रावल को ₹1.5 करोड़ का नकद पुरस्कार प्रदान किया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर उनकी सराहना करते हुए कहा:

“हमारी होनहार बेटी प्रतीका ने दिल्ली का गौरव बढ़ाया है। वह युवा दिल्ली की ऊर्जा, साहस और नए भारत की नारी शक्ति का जीवंत प्रतीक हैं।”

दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) ने भी ₹50 लाख का अतिरिक्त पुरस्कार दिया।39 इस समारोह में उनके पिता प्रदीप रावल—जो बीसीसीआई के प्रमाणित अंपायर हैं—और डीडीसीए अध्यक्ष रोहन जेटली भी मौजूद थे।

मनोविज्ञान की छात्रा से विश्व चैंपियन तक

1 सितंबर, 2000 को दिल्ली में जन्मी प्रतीका रावल का सफर प्रेरणादायक रहा है।40 स्कूल स्तर की बास्केटबॉल चैंपियन रहीं प्रतीका ने अपने पिता के मार्गदर्शन में क्रिकेट की शुरुआत की। वह पढ़ाई में भी अव्वल रही हैं, उन्होंने सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 92.5% अंक हासिल किए और बाद में दिल्ली के जीसस एंड मैरी कॉलेज से मनोविज्ञान (Psychology) में स्नातक की डिग्री ली।41

उनका अंतरराष्ट्रीय करियर 2024 के अंत में वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू हुआ था।42 मात्र 24 वनडे मैचों में उन्होंने 1,000 रन का आंकड़ा पार कर लिया है, और ऐसा करने वाली वह संयुक्त रूप से सबसे तेज भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।

जेनेरेटिव एआई का काला पक्ष

प्रतीका की मैदान पर सफलता का जश्न मनाया जा रहा है, लेकिन उनकी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल एक बढ़ते खतरे की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई उपकरणों तक आसान पहुंच के कारण शरारती तत्व किसी की निजता का उल्लंघन कर रहे हैं।

भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने भी इस पर कड़ा रुख अपनाया है। संसद सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी द्वारा लिखे गए एक पत्र के बाद, मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को एआई द्वारा उत्पन्न अवैध सामग्री को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है।

आईटी मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, “डिजिटल नवाचार मानवीय गरिमा की कीमत पर नहीं हो सकता। महिलाओं की छवियों को खराब करने के लिए एआई का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ आईटी नियम, 2021 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

नायकों की सुरक्षा

प्रतीका रावल वर्तमान में न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी घरेलू श्रृंखला और महिला प्रीमियर लीग (WPL) की तैयारी कर रही हैं।44 गोपनीयता पर उनके स्टैंड ने एक मिसाल कायम की है। यह तकनीक क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के लिए एक चेतावनी है कि वे व्यक्तियों की निजता का सम्मान करने के लिए कड़े ‘गार्डरेल्स’ लागू करें।

फिलहाल, प्रतीका लचीलेपन का प्रतीक बनी हुई हैं—न केवल एक क्रिकेटर के रूप में जिसने चोट के बावजूद अपनी टीम को ट्रॉफी उठाते देखा, बल्कि एक जागरूक नागरिक के रूप में भी जो डिजिटल युग में अपनी पहचान की रक्षा कर रही हैं।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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