सोमवार, 29 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय राजधानी में जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। “गंभीर” वायु प्रदूषण और घने कोहरे के जानलेवा संयोजन ने उत्तरी भारत में यात्रा और दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुँच गया है, जिससे शहर ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में आ गया है।
इस संकट का सबसे बुरा असर विमानन क्षेत्र पर पड़ा है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर लगभग 130 उड़ानें रद्द कर दी गईं और 200 से अधिक देरी से चल रही हैं। सुबह के समय दृश्यता (Visibility) घटकर मात्र 50 मीटर रह गई, जिससे हवाई अड्डे को CAT III स्थितियों के तहत परिचालन करना पड़ा।
विमानन संकट: यात्री परेशान, उड़ानें डायवर्ट
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सोमवार सुबह एक यात्रा परामर्श जारी कर यात्रियों को हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने की सलाह दी है।
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बड़ी रुकावटें: दिल्ली से लगभग 65% उड़ानों में देरी दर्ज की गई। 128 उड़ानें रद्द हुईं और कम से कम आठ उड़ानों को अहमदाबाद और जयपुर जैसे शहरों की ओर मोड़ दिया गया।
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CAT III ऑपरेशंस: बेहद कम दृश्यता में विमान उतारने के लिए उपयोग होने वाली इस तकनीक के बावजूद, उड़ानों की आवृत्ति कम हो गई है, जिससे हवाई अड्डे पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई है।
AQI 400 के पार: ‘गंभीर’ हुई हवा
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सोमवार सुबह 8 बजे दिल्ली का औसत AQI 402 था। आनंद विहार (455) और विवेक विहार (456) जैसे इलाकों में प्रदूषण का स्तर ‘खतरनाक’ स्तर पर पहुँच गया है। 24 दिसंबर को GRAP-IV की पाबंदियां हटने के बाद यह प्रदूषण का सबसे बड़ा उछाल है।
“हम श्वसन संबंधी समस्याओं के मामलों में लगातार वृद्धि देख रहे हैं। 400 से ऊपर का AQI एक गैर-धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के लिए दिन में 20-25 सिगरेट पीने के बराबर है,” डॉ. संदीप नायर, वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट ने कहा।
आगे क्या?
मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। घना कोहरा और जहरीली हवा अभी कुछ दिनों तक बनी रहने की संभावना है। सरकार और एयरलाइंस ने यात्रियों को धैर्य रखने और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से अपडेट रहने की सलाह दी है।
