9 views 3 secs 0 comments

संसदीय मर्यादा उल्लंघन: 200 से अधिक दिग्गजों ने जताई चिंता

In Politics
March 17, 2026
RajneetiGuru.com -संसदीय मर्यादा उल्लंघन 200 से अधिक दिग्गजों ने जताई चिंता - Image Credited by News9 Live

नई दिल्ली – देश के 204 सेवानिवृत्त अधिकारियों के एक समूह ने, जिसमें सशस्त्र बलों के 116 वरिष्ठ अधिकारी और 84 पूर्व नौकरशाह शामिल हैं, विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आचरण पर “गहरी चिंता” व्यक्त करते हुए एक खुला पत्र लिखा है। यह पत्र 12 मार्च को संसद परिसर के भीतर हुई एक घटना के संदर्भ में है, जहाँ राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों को संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय-बिस्कुट पीते हुए देखा गया था।

दिग्गजों के समूह ने इस व्यवहार को “देश की सर्वोच्च विधायी संस्था की गरिमा के पूरी तरह प्रतिकूल” बताया है। पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में चार पूर्व राजदूत और कई वरिष्ठ अधिवक्ता भी शामिल हैं।

“अहंकार और विशेषाधिकार” का प्रदर्शन

खुले पत्र में कहा गया है कि संसद की सीढ़ियाँ “राजनीतिक नाटक” या तमाशा करने की जगह नहीं हैं। समूह के अनुसार, “ऐसा आचरण स्थापित मानदंडों और मर्यादा के प्रति स्पष्ट उपेक्षा को दर्शाता है। यह अहंकार और विशेषाधिकार की भावना को दर्शाता है, और उस संस्था के प्रति सम्मान की कमी को उजागर करता है जो भारतीय जनता की लोकतांत्रिक इच्छा का प्रतीक है।”

दिग्गजों ने जोर देकर कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के कक्षों के साथ-साथ संसद की सीढ़ियों, गलियारों और लॉबी की पवित्रता भी समान है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह का व्यवहार करना और भी अधिक परेशान करने वाला है।

लोकतंत्र का मंदिर और संवैधानिक नैतिकता

समूह ने रेखांकित किया कि संसद केवल एक इमारत नहीं है, बल्कि यह ‘लोकतंत्र का मंदिर’ है जहाँ राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर चर्चा होती है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने बार-बार “थिएट्रिक्स” (नाटकीयता) के माध्यम से सार्वजनिक विमर्श और मर्यादा के स्तर को नीचे गिराने का काम किया है।

एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी और हस्ताक्षरकर्ता ने कहा: “संसद की साख तब मजबूत होती है जब उसके सदस्य संयम की उन परंपराओं को बनाए रखते हैं जिन्होंने हमेशा संसदीय जीवन को परिभाषित किया है। जब नेतृत्व करने वाले लोग ही नियमों की अवहेलना करते हैं, तो इससे संस्था की प्रभावशीलता कमजोर होती है।”

समूह ने राहुल गांधी से उनके व्यवहार के लिए माफी की मांग की है और उन्हें अपने दृष्टिकोण पर आत्मनिरीक्षण करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक लोकतंत्र में ‘अहंकार’ के लिए कोई जगह नहीं है। इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक, विपक्ष के नेता के कार्यालय की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

/ Published posts: 422

अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

Instagram