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विजय ने डीएमके को ‘दुष्ट शक्ति’ कहा, उखाड़ फेंकने की अपील

In Politics
April 02, 2026
RajneetiGuru.com - विजय ने डीएमके को 'दुष्ट शक्ति' कहा, उखाड़ फेंकने की अपील - Image Credited by Newsable Asianet News

तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में गुरुवार को एक बड़ा बदलाव तब देखा गया जब ‘तमिलगा वेत्री कज़गम’ (TVK) के प्रमुख और सुपरस्टार से राजनेता बने विजय ने सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (DMK) पर तीखा हमला बोला। तिरुचिरापल्ली पूर्व निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल करने के बाद एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए, विजय ने एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार को “दुष्ट शक्ति” (Evil Force) करार दिया और मतदाताओं से आगामी 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों में इसे सत्ता से “उखाड़ फेंकने” का आह्वान किया।

सांकेतिक रूप से महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, विजय ने अपने दिन की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के संस्थापक एम.जी. रामचंद्रन (MGR) की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की। तिरुचिरापल्ली पूर्व और पेरम्बूर—दो सीटों से चुनाव लड़कर विजय ने खुद को स्थापित द्रविड़ दिग्गजों के सीधे चुनौती देने वाले के रूप में पेश किया है।

‘अधूरे वादों’ की राजनीति

टीवीके अध्यक्ष का भाषण डीएमके के 2021 के चुनावी घोषणापत्र को पूरा करने में कथित विफलता पर केंद्रित था। उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को निशाना बनाते हुए उन पर सत्ता हासिल करने के लिए “झूठे वादे” करने का आरोप लगाया।

“यह दुष्ट शक्ति, डीएमके, आपकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती या बुनियादी सुविधाएं प्रदान नहीं कर सकती। हमें इसके साथ क्या करना चाहिए? क्या हमें इसे उखाड़ कर बाहर नहीं फेंक देना चाहिए?” विजय ने गरजती हुई भीड़ से पूछा। उन्होंने एलपीजी सिलेंडर पर ₹100 की सब्सिडी के वादे और नीट (NEET) परीक्षा को रद्द करने की लंबे समय से लंबित मांग की स्थिति पर सवाल उठाए।

एलपीजी संकट: केंद्र और राज्य पर हमला

एक रणनीतिक कदम के तहत, विजय ने पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी को स्थानीय आर्थिक शिकायतों से जोड़ा। उन्होंने इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों को जिम्मेदार ठहराया। विजय ने कहा कि इस गैस की कमी के कारण कितने चाय के स्टॉल और होटल बंद हो गए हैं, और अगर सरकारें सतर्क रहतीं, तो इस स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता था।

रणनीतिक मुकाबला: त्रिची और पेरम्बूर

विजय के निर्वाचन क्षेत्रों का चयन बहुत कुछ कहता है। तिरुचिरापल्ली पूर्व में उनका मुकाबला डीएमके के मौजूदा विधायक इनिगो एस. इरुदयाराज से है। वहीं पेरम्बूर में, जो कभी माकपा (CPI-M) का गढ़ था और अब डीएमके के आर.डी. शेखर के पास है, विजय शहरी श्रमिक वर्ग के पारंपरिक मतदान पैटर्न को बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

चेन्नई के अनुभवी राजनीतिक विश्लेषक डॉ. एस. रामास्वामी ने कहा: “विजय केवल एक छोटी भूमिका नहीं निभा रहे हैं; वह मुख्य भूमिका के लिए ऑडिशन दे रहे हैं। नीट और एलपीजी सब्सिडी जैसी विफलताओं पर डीएमके को घेरकर वह आम आदमी की भाषा बोल रहे हैं। एमजीआर का सम्मान करना यह दर्शाता है कि वह उस वोट बैंक को लुभा रहे हैं जो पारंपरिक रूप से अन्नाद्रमुक का था।”

त्रिकोणीय संघर्ष

यद्यपि तमिलनाडु में मुख्य मुकाबला हमेशा डीएमके और अन्नाद्रमुक के बीच रहा है, लेकिन विजय के आक्रामक प्रचार ने 2026 के चुनाव को प्रभावी ढंग से त्रिकोणीय मुकाबले में बदल दिया है। 4 मई को होने वाली मतगणना यह तय करेगी कि क्या यह ‘पर्दे का नायक’ अपने बॉक्स-ऑफिस प्रभुत्व को शासन के जनादेश में बदल पाएगा या नहीं। फिलहाल, सत्ता का रास्ता त्रिची की तपती गलियों से होकर गुजरता दिख रहा है।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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