केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तेलंगाना के भाजपा सांसदों के बीच हाल ही में हुई नाश्ते पर बैठक का विवरण कथित तौर पर लीक करने वालों के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है। मंगलवार को दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए, रेड्डी ने इन विवरणों को बाहर करने वालों को “मानसिक रूप से विक्षिप्त” बताया और कहा कि पार्टी ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।
गोपनीयता का उल्लंघन
यह विवाद पिछले सप्ताह संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान हुई एक अनौपचारिक बातचीत से शुरू हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना के आठ सांसदों और आंध्र प्रदेश के पांच सांसदों की मेजबानी की थी। चर्चा की गोपनीयता बनाए रखने के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, मीडिया में ऐसी खबरें आईं कि प्रधानमंत्री ने तेलंगाना प्रतिनिधिमंडल के “अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन न करने” पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की थी।
रेड्डी ने इन खबरों को “निराधार और झूठा प्रचार” करार देते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री ने केवल रचनात्मक सलाह दी थी। “इस तरह के लीक से पार्टी और सरकार दोनों को नुकसान होगा और नेतृत्व के भीतर एकता कमजोर होगी,” रेड्डी ने कहा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने सांसदों को सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय रहने और तेलंगाना में पार्टी की जमीनी पकड़ मजबूत करने की सलाह दी थी, लेकिन बाहर एक पूरी तरह से अलग कहानी फैलाई गई।
विकास परियोजनाएं और रेलवे समीक्षा
राजनीतिक गहमागहमी के बीच, रेड्डी ने अपनी प्रशासनिक व्यस्तताओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने हाल ही में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ तेलंगाना में रेल परियोजनाओं पर एक समीक्षा बैठक की। इस दौरान राज्य के 42 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों में तेजी लाने पर चर्चा हुई।
समीक्षा का एक प्रमुख बिंदु हैदराबाद से यादगिरिगुट्टा तक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम (MMTS) के चरण-II विस्तार का प्रस्ताव था, जिसकी अनुमानित लागत ₹400 करोड़ है। रेड्डी ने रेल मंत्री से कोमुरवेली मल्लान्ना रेलवे स्टेशन का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करने और इसे क्रियाशील बनाने का भी अनुरोध किया।
विपक्ष पर हमला
केंद्रीय मंत्री ने ‘वोट चोरी’ रैली में प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। रेड्डी ने गांधी की टिप्पणियों को “अपरिपक्व” और गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता मुद्दों को समझे बिना बोल रहे हैं।
भाजपा की तेलंगाना रणनीति
तेलंगाना में बीआरएस के कमजोर होने के बाद भाजपा खुद को कांग्रेस के मुख्य विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री द्वारा सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाने का आग्रह इसी रणनीति का हिस्सा है ताकि एआईएमआईएम (AIMIM) जैसे प्रतिद्वंद्वियों के डिजिटल प्रभाव का मुकाबला किया जा सके।
