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महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में सरकार

In Politics
March 10, 2026
rajneetiguru.com - महिला आरक्षण लागू करने पर सरकार का नया विचार। Image Credit – The Indian Express

नई दिल्ली — केंद्र सरकार संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन की संभावना पर विचार कर रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार सरकार इस आरक्षण को जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया से अलग करने का विकल्प तलाश रही है ताकि इसे जल्द लागू किया जा सके।

मौजूदा कानून के अनुसार महिलाओं के लिए आरक्षण तब लागू होगा जब अधिनियम लागू होने के बाद पहली जनगणना पूरी हो जाएगी और उसके बाद परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होगी। लेकिन जनगणना और परिसीमन में संभावित देरी के कारण महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की योजना भी टल सकती है। इसी कारण सरकार अब इस प्रावधान में संशोधन कर आरक्षण को जल्दी लागू करने की संभावना पर विचार कर रही है।

सूत्रों के अनुसार संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने इस मुद्दे पर विपक्ष के नेताओं से भी बातचीत शुरू की है। बताया जा रहा है कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से दो बार चर्चा कर इस विषय पर राय मांगी है। सरकार का प्रयास है कि मौजूदा बजट सत्र के दौरान ही इस संशोधन को लेकर सहमति बनाई जा सके।

सरकार जिन विकल्पों पर विचार कर रही है, उनमें से एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव यह है कि यदि परिसीमन से पहले आरक्षण लागू किया जाता है तो महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का निर्धारण लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाए।

इस व्यवस्था के तहत कुल सीटों में से लगभग एक-तिहाई सीटों को यादृच्छिक तरीके से चुनकर महिलाओं के लिए आरक्षित किया जा सकता है। यह व्यवस्था विशेष रूप से 2027 के आसपास होने वाले कुछ विधानसभा चुनावों में लागू की जा सकती है। इससे महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की प्रक्रिया में तेजी आ सकती है और लंबे समय से लंबित मांग को आंशिक रूप से पूरा किया जा सकता है।

दिलचस्प बात यह है कि विपक्षी दल पहले से ही महिला आरक्षण कानून को जनगणना और परिसीमन से अलग करने की मांग करते रहे हैं। कई विपक्षी नेताओं का तर्क है कि इन प्रक्रियाओं में कई वर्ष लग सकते हैं, जिससे महिला आरक्षण लागू होने में अनावश्यक देरी होगी।

विपक्ष का कहना है कि महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए आरक्षण को जल्द लागू करना जरूरी है। उनका मानना है कि यदि कानून को लागू करने की प्रक्रिया बहुत लंबी हो जाती है, तो इसका उद्देश्य कमजोर पड़ सकता है।

महिला आरक्षण से जुड़ा यह कानून सितंबर 2023 में संसद के विशेष सत्र में पारित किया गया था। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है।

हालांकि अधिनियम में एक महत्वपूर्ण शर्त जोड़ी गई थी। इसके अनुसार आरक्षण तभी लागू होगा जब अधिनियम लागू होने के बाद पहली जनगणना पूरी हो जाए और उसके बाद निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन किया जाए। यही कारण है कि इस कानून के वास्तविक क्रियान्वयन में समय लगने की संभावना जताई जाती रही है।

भारत में 2021 की जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित हो गई थी। इसके बाद जनगणना की प्रक्रिया को पुनः शुरू करने की योजना बनाई गई है। जनगणना पूरी होने के बाद परिसीमन आयोग का गठन किया जाएगा, जो निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने से इसके लागू होने में देरी हो सकती है। उनका कहना है कि यदि सरकार इसे अलग कर देती है, तो महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व देने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।

एक पूर्व सांख्यिकी विशेषज्ञ ने कहा, “महिलाओं के आरक्षण को परिसीमन के साथ जोड़ने से इसके लागू होने में देरी हो सकती है। यदि इसे अलग किया जाए, तो महिलाओं को जल्द प्रतिनिधित्व मिल सकता है।”

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार आरक्षण को जल्दी लागू करने के लिए कानून में संशोधन करती है, तो इससे भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ सकती है। वर्तमान में संसद और कई राज्य विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत कम है।

यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो यह भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकता है। हालांकि इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए सरकार को संसद में व्यापक राजनीतिक सहमति की आवश्यकता होगी। आने वाले समय में सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर चर्चा और तेज होने की संभावना है।

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  • नमस्ते, मैं सब्यसाची बिस्वास हूँ — आप मुझे सबी भी कह सकते हैं!
    दिल से एक कहानीकार, मैं हर क्लिक, हर स्क्रॉल और हर नए विचार में रचनात्मकता खोजता हूँ। चाहे दिल से लिखे गए शब्दों से जुड़ाव बनाना हो, कॉफी के साथ नए विचारों पर काम करना हो, या बस आसपास की दुनिया को महसूस करना — मैं हमेशा उन कहानियों की तलाश में रहता हूँ जो असर छोड़ जाएँ।

    मुझे शब्दों, कला और विचारों के मेल से नई दुनिया बनाना पसंद है। जब मैं लिख नहीं रहा होता या कुछ नया सोच नहीं रहा होता, तब मुझे नई कैफ़े जगहों की खोज करना, अनायास पलों को कैमरे में कैद करना या अपने अगले प्रोजेक्ट के लिए नोट्स लिखना अच्छा लगता है।
    हमेशा सीखते रहना और आगे बढ़ना — यही मेरा जीवन और लेखन का मंत्र है।

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