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बंगाल में CPI(M) संकट: युवा नेता के इस्तीफे से सियासी हलचल

In Politics
February 17, 2026
rajneetiguru.com - दिल्ली हार के बाद केजरीवाल की नई राजनीतिक रणनीति। Image Credit – The Indian Express

कोलकाता — पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले वाम दलों की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) के एक युवा नेता, प्रतीकुर रहमान, के पार्टी छोड़ने की खबरों ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा को जन्म दे दिया है। इस घटनाक्रम को और जटिल बनाते हुए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने रहमान का कथित “इस्तीफा पत्र” सोशल मीडिया पर साझा कर दिया है।

हालांकि, प्रतीकुर रहमान ने सार्वजनिक रूप से किसी नई पार्टी में शामिल होने की घोषणा नहीं की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह इस पूरे मुद्दे पर “पार्टी के भीतर” ही बात करेंगे और फिलहाल मीडिया या बाहरी मंचों पर कोई बयान नहीं देंगे। उनके इस रुख ने अटकलों को और हवा दे दी है कि क्या वह वाकई CPI(M) छोड़ चुके हैं और क्या उनका अगला कदम तृणमूल कांग्रेस की ओर होगा।

तृणमूल कांग्रेस द्वारा साझा किए गए पत्र में दावा किया गया है कि रहमान ने CPI(M) की आंतरिक कार्यशैली और युवा नेतृत्व को पर्याप्त अवसर न मिलने से नाराज़ होकर इस्तीफा दिया है। पत्र में कथित तौर पर संगठनात्मक जड़ता और जमीनी राजनीति से कटाव जैसे मुद्दों का ज़िक्र है। CPI(M) की ओर से हालांकि इस पत्र की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए गए हैं।

CPI(M) के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “पार्टी के भीतर असहमति और संवाद की प्रक्रिया हमेशा रही है। सोशल मीडिया पर डाले गए किसी दस्तावेज़ के आधार पर निष्कर्ष निकालना जल्दबाज़ी होगी।” इस बयान से साफ है कि वाम दल फिलहाल नुकसान को सीमित रखने और स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहा है।

पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा लंबे समय तक सत्ता में रहा, लेकिन पिछले एक दशक में उसकी राजनीतिक पकड़ कमजोर हुई है। खासतौर पर युवा मतदाताओं और नए सामाजिक वर्गों के बीच पार्टी को समर्थन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। ऐसे में किसी युवा नेता के इस्तीफे या असंतोष की खबरें पार्टी के लिए प्रतीकात्मक रूप से भी अहम मानी जा रही हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि युवा नेतृत्व का पार्टी से दूरी बनाना वाम राजनीति के सामने मौजूद गहरे संकट को दर्शाता है। कोलकाता स्थित एक राजनीतिक विश्लेषक के अनुसार, “CPI(M) जैसी पार्टियों के लिए युवाओं को अपने साथ बनाए रखना अब केवल विचारधारा का सवाल नहीं, बल्कि संगठनात्मक लचीलापन और अवसर देने की क्षमता का भी है।”

तृणमूल कांग्रेस द्वारा कथित इस्तीफा पत्र को सार्वजनिक करना केवल एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। TMC पहले भी वाम दलों और कांग्रेस के नेताओं को अपने पाले में लाकर खुद को एक व्यापक राजनीतिक मंच के रूप में पेश करती रही है। यदि प्रतीकुर रहमान जैसे युवा चेहरे का TMC में प्रवेश होता है, तो यह पार्टी की युवा और क्षेत्रीय अपील को और मज़बूत कर सकता है।

हालांकि, TMC की ओर से भी अभी तक रहमान के शामिल होने को लेकर कोई औपचारिक बयान नहीं आया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि “हर राजनीतिक कदम सही समय और परिस्थितियों के अनुसार उठाया जाता है।”

यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी तैयारियां तेज हो रही हैं। वाम दल जहां अपने खोए जनाधार को वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं TMC सत्ता बरकरार रखने के लिए हर संभावित राजनीतिक अवसर का उपयोग कर रही है। ऐसे में CPI(M) के भीतर असंतोष या टूट की खबरें चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती हैं।

फिलहाल, प्रतीकुर रहमान की चुप्पी और “पार्टी के भीतर बात करने” की बात ने स्थिति को खुला छोड़ दिया है। यह स्पष्ट नहीं है कि वह वाकई CPI(M) से अलग हो चुके हैं या यह आंतरिक मतभेदों का एक अस्थायी चरण है। लेकिन इतना तय है कि इस घटनाक्रम ने बंगाल की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसका असर आने वाले दिनों में और स्पष्ट होगा।

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  • नमस्ते, मैं सब्यसाची बिस्वास हूँ — आप मुझे सबी भी कह सकते हैं!
    दिल से एक कहानीकार, मैं हर क्लिक, हर स्क्रॉल और हर नए विचार में रचनात्मकता खोजता हूँ। चाहे दिल से लिखे गए शब्दों से जुड़ाव बनाना हो, कॉफी के साथ नए विचारों पर काम करना हो, या बस आसपास की दुनिया को महसूस करना — मैं हमेशा उन कहानियों की तलाश में रहता हूँ जो असर छोड़ जाएँ।

    मुझे शब्दों, कला और विचारों के मेल से नई दुनिया बनाना पसंद है। जब मैं लिख नहीं रहा होता या कुछ नया सोच नहीं रहा होता, तब मुझे नई कैफ़े जगहों की खोज करना, अनायास पलों को कैमरे में कैद करना या अपने अगले प्रोजेक्ट के लिए नोट्स लिखना अच्छा लगता है।
    हमेशा सीखते रहना और आगे बढ़ना — यही मेरा जीवन और लेखन का मंत्र है।

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नमस्ते, मैं सब्यसाची बिस्वास हूँ — आप मुझे सबी भी कह सकते हैं!
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