पश्चिम बंगाल में शीत लहर का प्रकोप तेज हो गया है, जिससे नए साल के स्वागत की तैयारियों के बीच जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बुधवार, 31 दिसंबर 2025 की सुबह कोलकाता ने इस सीजन की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की, जबकि उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना ने पर्यटकों के उत्साह को बढ़ा दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों के लिए “येलो अलर्ट” जारी किया है।
कोलकाता में कड़ाके की ठंड और ‘गंभीर’ प्रदूषण
राजधानी कोलकाता में न्यूनतम तापमान गिरकर 13.1°C पर आ गया, जो सामान्य से लगभग दो डिग्री कम है। हालांकि, गिरते पारे के साथ शहर की हवा और भी जहरीली हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, कोलकाता का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 324 तक पहुंच गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ‘तापमान व्युत्क्रमण’ (Temperature Inversion) के कारण प्रदूषक तत्व जमीन के करीब फंस गए हैं, जिससे सांस लेना दूभर हो गया है।
आईएमडी गंगटोक के प्रमुख डॉ. जी.एन. राहा ने कहा:
“कम हवा की गति और उच्च आर्द्रता ने गंगा के मैदानी इलाकों को प्रदूषकों के लिए एक सिंक बना दिया है। शीत लहर की स्थिति के साथ, हमें उम्मीद है कि 3 जनवरी तक उत्तर बंगाल के मैदानों में घना कोहरा और दक्षिण में मध्यम धुंध बनी रहेगी, जिससे स्वास्थ्य और दृश्यता दोनों प्रभावित होंगे।”
दार्जिलिंग में बर्फबारी की उम्मीद
मैदानी इलाकों में जहां स्मॉग का कहर है, वहीं पहाड़ों में “व्हाइट न्यू ईयर” की तैयारी चल रही है। दार्जिलिंग में न्यूनतम तापमान 3.8°C दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बुधवार से शुक्रवार के बीच दार्जिलिंग और कलिम्पोंग के ऊपरी इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी की भविष्यवाणी की है। संदकफू और घूम जैसे ऊंचे इलाकों में तापमान शून्य से नीचे चला गया है, जिसके कारण पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।
परिवहन पर असर: उड़ानें और ट्रेनें प्रभावित
घने कोहरे ने राज्य के परिवहन नेटवर्क को बुरी तरह प्रभावित किया है। कूचबिहार और उत्तर दिनाजपुर जैसे जिलों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह गई। कोलकाता हवाई अड्डे पर कई उड़ानें देरी से चलीं, जबकि राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस सहित एक दर्जन से अधिक लंबी दूरी की ट्रेनें तीन से पांच घंटे की देरी से चल रही हैं।
स्वास्थ्य परामर्श
बढ़ते प्रदूषण और ठंड को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुजुर्गों और बच्चों को सुबह की सैर से बचने की सलाह दी है। PM2.5 के उच्च स्तर के कारण श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी के पहले सप्ताह तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है।
