प्रदूषण पर प्रहार: दिल्ली में 2500 से अधिक वाहनों पर जुर्माना, 28 पीयूसी केंद्र निलंबित

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भीषण धुंध और प्रदूषण के बीच दिल्ली की प्रवर्तन एजेंसियों ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान छेड़ दिया है। गुरुवार और शुक्रवार के बीच चले 48 घंटे के ‘सघन चेकिंग अभियान’ में प्रशासन ने 28 मालवाहक बसों को जब्त किया और बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) के चल रहे 2,500 से अधिक वाहनों का चालान काटा।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 24 दिसंबर को ग्रैप (GRAP) के चौथे चरण की पाबंदियों को हटा लिया था। हालांकि, शनिवार सुबह दिल्ली का एक्यूआई (AQI) 355 (बहुत खराब) दर्ज होने के बाद सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रदूषण फैलाने वालों पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

कार्रवाई के मुख्य आंकड़े

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से सड़कों पर और हाई-टेक कैमरों के जरिए यह अभियान चलाया:

  • PUC उल्लंघन: ट्रैफिक पुलिस ने 2,390 चालान काटे, जबकि परिवहन विभाग ने 285 वाहनों पर जुर्माना लगाया।

  • ANPR तकनीक: सड़कों पर लगे ‘ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन’ (ANPR) कैमरों ने 1,114 ऐसे वाहनों को पकड़ा जिनका डेटा ‘वाहन’ पोर्टल पर अपडेट नहीं था।

  • बसों पर कार्रवाई: इस महीने अब तक कुल 100 बसों को प्रदूषण मानकों के उल्लंघन के लिए जब्त किया जा चुका है।

फर्जी पीयूसी केंद्रों पर सर्जिकल स्ट्राइक

सरकार ने केवल वाहन मालिकों ही नहीं, बल्कि गलत तरीके से प्रमाणपत्र जारी करने वाले केंद्रों पर भी शिकंजा कसा है। अब तक 28 पीयूसी केंद्रों को निलंबित कर दिया गया है और 2 के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। गोकुलपुरी थाने में एक केंद्र के खिलाफ फर्जी सर्टिफिकेट जारी करने की एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई गई है।

पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने कहा, “बिना पीयूसी के वाहन चलाना दिल्ली की हवा के खिलाफ अपराध करने जैसा है।” सरकार ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के परिवहन आयुक्तों को भी पत्र लिखकर अपने राज्यों से आने वाले वाहनों के कागजातों की कड़ाई से जांच करने को कहा है।

‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम रहेगा जारी

ग्रैप-4 की पाबंदियां हटने के बावजूद, दिल्ली कैबिनेट ने ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ (प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं, तो ईंधन नहीं) की नीति को पूरे साल लागू रखने का फैसला किया है। पेट्रोल पंपों को निर्देश दिया गया है कि वे बिना प्रमाणपत्र के किसी भी वाहन को ईंधन न दें।

परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कश्मीरी गेट और मोरी गेट जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों का निरीक्षण करते हुए कहा कि हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि आम जनता को प्रमाणपत्र लेने में असुविधा न हो, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

अगले 48 घंटे चुनौतीपूर्ण

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक घने कोहरे और हवा की गति धीमी रहने का अनुमान जताया है, जिससे प्रदूषण के “बहुत खराब” श्रेणी में बने रहने की आशंका है। ट्रैफिक पुलिस ने गीता कॉलोनी और कश्मीरी गेट जैसे मुख्य प्रवेश द्वारों पर 24 घंटे की निगरानी बढ़ा दी है।

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  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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