डिजिटल शोहरत अक्सर अपने साथ एक अदृश्य कीमत लेकर आती है, और भारत की उभरती क्रिकेट सनसनी प्रतीका रावल को यह बात अब कड़वे अनुभव से समझ आ रही है। 2025 महिला वनडे विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद, 25 वर्षीय यह सलामी बल्लेबाज न केवल एक राष्ट्रीय नायक बनी हैं, बल्कि डीपफेक तकनीक और गैर-सहमति वाले डिजिटल संपादन का शिकार भी हुई हैं।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब रावल की तस्वीरों के कुछ संपादित संस्करण—जिनमें से कुछ को ‘जेनेरेटिव एआई’ के माध्यम से अश्लील या आपत्तिजनक बनाया गया था—सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर प्रसारित होने लगे। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए, रावल ने एआई सहायक ‘ग्रोक’ (Grok) को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी सहमति के बिना उनकी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रतीका ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मैं आपको अपनी किसी भी फोटो को लेने, बदलने या संपादित करने के लिए अधिकृत नहीं करती हूं… यदि कोई तीसरा पक्ष आपसे मेरी किसी फोटो में किसी भी प्रकार का संपादन करने के लिए कहता है, तो कृपया उस अनुरोध को अस्वीकार कर दें।”
इस घटना ने भारत में डिजिटल गोपनीयता, एआई की नैतिक सीमाओं और उच्च गति वाली गलत सूचनाओं के युग में महिला हस्तियों की सुरक्षा को लेकर एक व्यापक बहस छेड़ दी है।
विश्व कप में ऐतिहासिक प्रदर्शन
यह डिजिटल विवाद उस समय आया है जब भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास का सबसे सफल अध्याय लिखा गया है। भारत की मेजबानी में खेले गए 2025 महिला वनडे विश्व कप में, ‘विमेन इन ब्लू’ ने 2 नवंबर, 2025 को नवी मुंबई में खेले गए फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर अपना पहला विश्व खिताब जीता।29
प्रतीका रावल पूरे टूर्नामेंट में भारत की आक्रामक बल्लेबाजी रणनीति की धुरी बनी रहीं।
| खिलाड़ी | रन | औसत | टीम |
| लौरा वोल्वार्ड्ट | 571 | 81.57 | दक्षिण अफ्रीका |
| स्मृति मंधाना | 434 | 62.00 | भारत |
| एशले गार्डनर30 | 32831 | 46.8532 | ऑस्ट्रेलिया33 |
| प्रतीका रावल34 | 30835 | 51.3336 | भारत37 |
हालांकि बांग्लादेश के खिलाफ अंतिम ग्रुप-चरण के मैच में लगी गंभीर टखने की चोट के कारण वह सेमीफाइनल और फाइनल नहीं खेल पाईं, लेकिन फिर भी वह टूर्नामेंट में चौथी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी रहीं। न्यूजीलैंड के खिलाफ उनके शानदार शतक और शुरुआती मैचों में उनके योगदान ने टीम को वह गति प्रदान की, जिससे भारत अंततः गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को बाहर करने में सफल रहा।
राजधानी में सम्मान और पुरस्कारों की बौछार
प्रतीका के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए, दिल्ली सरकार ने इस स्थानीय प्रतिभा के लिए भारी पुरस्कार की घोषणा की है। जनसेवा सदन में आयोजित एक सम्मान समारोह में, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रावल को ₹1.5 करोड़ का नकद पुरस्कार प्रदान किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर उनकी सराहना करते हुए कहा:
“हमारी होनहार बेटी प्रतीका ने दिल्ली का गौरव बढ़ाया है। वह युवा दिल्ली की ऊर्जा, साहस और नए भारत की नारी शक्ति का जीवंत प्रतीक हैं।”
दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) ने भी ₹50 लाख का अतिरिक्त पुरस्कार दिया।39 इस समारोह में उनके पिता प्रदीप रावल—जो बीसीसीआई के प्रमाणित अंपायर हैं—और डीडीसीए अध्यक्ष रोहन जेटली भी मौजूद थे।
मनोविज्ञान की छात्रा से विश्व चैंपियन तक
1 सितंबर, 2000 को दिल्ली में जन्मी प्रतीका रावल का सफर प्रेरणादायक रहा है।40 स्कूल स्तर की बास्केटबॉल चैंपियन रहीं प्रतीका ने अपने पिता के मार्गदर्शन में क्रिकेट की शुरुआत की। वह पढ़ाई में भी अव्वल रही हैं, उन्होंने सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 92.5% अंक हासिल किए और बाद में दिल्ली के जीसस एंड मैरी कॉलेज से मनोविज्ञान (Psychology) में स्नातक की डिग्री ली।41
उनका अंतरराष्ट्रीय करियर 2024 के अंत में वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू हुआ था।42 मात्र 24 वनडे मैचों में उन्होंने 1,000 रन का आंकड़ा पार कर लिया है, और ऐसा करने वाली वह संयुक्त रूप से सबसे तेज भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।
जेनेरेटिव एआई का काला पक्ष
प्रतीका की मैदान पर सफलता का जश्न मनाया जा रहा है, लेकिन उनकी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल एक बढ़ते खतरे की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई उपकरणों तक आसान पहुंच के कारण शरारती तत्व किसी की निजता का उल्लंघन कर रहे हैं।
भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने भी इस पर कड़ा रुख अपनाया है। संसद सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी द्वारा लिखे गए एक पत्र के बाद, मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को एआई द्वारा उत्पन्न अवैध सामग्री को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है।
आईटी मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, “डिजिटल नवाचार मानवीय गरिमा की कीमत पर नहीं हो सकता। महिलाओं की छवियों को खराब करने के लिए एआई का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ आईटी नियम, 2021 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
नायकों की सुरक्षा
प्रतीका रावल वर्तमान में न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी घरेलू श्रृंखला और महिला प्रीमियर लीग (WPL) की तैयारी कर रही हैं।44 गोपनीयता पर उनके स्टैंड ने एक मिसाल कायम की है। यह तकनीक क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के लिए एक चेतावनी है कि वे व्यक्तियों की निजता का सम्मान करने के लिए कड़े ‘गार्डरेल्स’ लागू करें।
फिलहाल, प्रतीका लचीलेपन का प्रतीक बनी हुई हैं—न केवल एक क्रिकेटर के रूप में जिसने चोट के बावजूद अपनी टीम को ट्रॉफी उठाते देखा, बल्कि एक जागरूक नागरिक के रूप में भी जो डिजिटल युग में अपनी पहचान की रक्षा कर रही हैं।
