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पंजाब पुलिस ने सुलझाई भाजपा मुख्यालय ब्लास्ट की गुत्थी

In State
April 06, 2026
RAjneetiGuru.com - पंजाब पुलिस ने सुलझाई भाजपा मुख्यालय ब्लास्ट की गुत्थी - Image Credited by The Indian Express

चंडीगढ़ के सेक्टर 37 स्थित पंजाब भाजपा मुख्यालय के बाहर 1 अप्रैल को हुए ग्रेनेड हमले की गुत्थी को सुलझाते हुए पंजाब पुलिस ने रविवार को एक बड़ी सफलता की घोषणा की। इस मामले के दो मुख्य आरोपियों को शनिवार रात हरियाणा के रेवाड़ी के पास एक ट्रेन से गिरफ्तार किया गया। इस संयुक्त अभियान में हरियाणा पुलिस की ‘स्पेशल टास्क फोर्स’ (STF) ने भी अहम भूमिका निभाई।

इन नई गिरफ्तारियों के साथ, इस मामले में अब तक कुल सात लोग हिरासत में लिए जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार, यह हमला पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) द्वारा समर्थित एक आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था, जिसे यूरोप में बैठे गुर्गों द्वारा संचालित किया जा रहा था।

ट्रेन में पकड़े गए मुख्य आरोपी

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गुरतेज सिंह और अमनप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जो पंजाब के रूपनगर जिले के रतनगढ़ गांव के रहने वाले हैं। दिलचस्प बात यह है कि दोनों आरोपी चंडीगढ़ में ‘रैपिडो’ (Rapido) के बाइक टैक्सी चालक के रूप में काम करते थे, जिससे उन्हें शहर के रास्तों और भागने के रास्तों की अच्छी जानकारी थी।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया, “हम तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों के जरिए उनके मूवमेंट पर नजर रख रहे थे। उन्हें रेवाड़ी के पास एक ट्रेन में ट्रैक किया गया और पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने हरियाणा एसटीएफ के सहयोग से उन्हें दबोच लिया।”

यूरोप से रची गई साजिश और 2 लाख का इनाम

जांच में पता चला है कि इस साजिश के तार पुर्तगाल और जर्मनी से जुड़े हैं। पुलिस ने मुख्य संचालकों की पहचान पुर्तगाल में स्थित बलजोत सिंह उर्फ जोत और जर्मनी में स्थित हरजीत सिंह लाडी के रूप में की है।

इस आतंकी मॉड्यूल को हमले के बदले 2 लाख रुपये का इनाम देने का वादा किया गया था। डीजीपी यादव ने कहा, “इस पूरी घटना के पीछे पाकिस्तान की आईएसआई का हाथ है। उन्होंने यूरोप में बैठे अपने गुर्गों के जरिए स्थानीय युवाओं को बरगलाया और उन्हें आतंकी हमले के लिए प्रेरित किया।”

वारदात का वीडियो और भागने की रणनीति

इस हमले की एक डरावनी सच्चाई यह भी सामने आई कि आरोपियों ने इसका वीडियो बनाया था। 1 अप्रैल को रेकी करने के बाद, अमनप्रीत सिंह ने भाजपा कार्यालय के बाहर ग्रेनेड फेंका, जबकि गुरतेज सिंह ने अपने मोबाइल फोन पर इसका वीडियो रिकॉर्ड किया ताकि वे अपने विदेशी आकाओं को ‘काम पूरा होने’ का सबूत दे सकें।

हमले के बाद, दोनों आरोपियों ने सरकारी बस का सहारा लिया और अपनी डिजिटल पहचान छिपाने के लिए एक अजनबी यात्री को डिजिटल पैसे ट्रांसफर कर उससे नकद पैसे लिए, ताकि बस कंडक्टर को नकद भुगतान किया जा सके। हालांकि, सीसीटीवी कैमरों ने उनकी इस चालाकी को नाकाम कर दिया।

“इस ऑपरेशन ने एक बड़ी आतंकी साजिश को विफल कर दिया है। अपराधियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए कई उप-मॉड्यूल का इस्तेमाल किया था, लेकिन पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा पुलिस के आपसी तालमेल ने इस साजिश को बेनकाब कर दिया,” डीजीपी गौरव यादव ने कहा।

बरामदगी और आगे की जांच

गुरतेज और अमनप्रीत के अलावा, पुलिस ने पांच अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया है। उनके पास से एक हैंड ग्रेनेड, एक .30 बोर जिगाना पिस्टल (तुर्की निर्मित) और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक चंडीगढ़ के एक प्रतिष्ठित कॉलेज का छात्र भी है।

अब पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र उस पैसे के स्रोत का पता लगाना है जो आरोपियों को दिया जाना था। साथ ही, पुर्तगाल और जर्मनी में बैठे संपर्कों के बारे में और अधिक जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ जारी है।

Author

  • Anup Shukla

    अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

    उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है।
    उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं।

    राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है —

    स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण,

    ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग,

    जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन,

    रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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अनूप शुक्ला पिछले तीन वर्षों से समाचार लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ी खबरों पर गहराई से लिखते हैं। उनकी लेखन शैली सरल, तथ्यपरक और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है। अनूप का मानना है कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का माध्यम है। यही वजह है कि वे हर विषय को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझते हैं और सटीक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जनसमस्याओं जैसे कई विषयों पर प्रकाश डाला है। उनके लेख न सिर्फ घटनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि उन पर विचार और समाधान की दिशा भी सुझाते हैं। राजनीतिगुरु में अनूप शुक्ला की भूमिका है — स्थानीय और क्षेत्रीय समाचारों का विश्लेषण, ताज़ा घटनाओं पर रचनात्मक रिपोर्टिंग, जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लेखन, रुचियाँ: लेखन, यात्रा, फोटोग्राफी और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा।

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