जैसे ही देश की राजधानी साल 2026 का स्वागत करने की तैयारी कर रही है, घने कोहरे और जहरीले धुएं (Smog) के घातक संयोजन ने पूरे क्षेत्र की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। बुधवार, 31 दिसंबर 2025 को दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सुबह की शुरुआत एक सफेद चादर के साथ हुई, जिसने दृश्यता (Visibility) को शून्य के करीब पहुंचा दिया। इसके कारण न केवल विमान और रेल सेवाएं प्रभावित हुईं, बल्कि हवा की गुणवत्ता भी एक बार फिर ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में पहुंच गई है।
मौसम की यह मार बुधवार तड़के से ही शुरू हो गई थी। गाजियाबाद के इंदिरापुरम, नोएडा के बॉटनिकल गार्डन और दिल्ली के अक्षरधाम जैसे इलाकों में दृश्यता इतनी कम थी कि वाहन रेंगते हुए दिखाई दिए।
प्रदूषण का कहर: आनंद विहार सबसे प्रदूषित
कोहरे ने जहां आंखों के सामने दीवार खड़ी कर दी, वहीं हवा सांस लेने के लिए खतरनाक बनी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 7:00 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 384 दर्ज किया गया। हालांकि, दिन चढ़ते-चढ़ते आनंद विहार जैसे इलाकों में यह 452 तक पहुंच गया।
प्रमुख इलाकों का AQI स्तर:
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आनंद विहार: 452 (गंभीर)
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आईटीओ: 426 (गंभीर)
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चांदनी चौक: 419 (गंभीर)
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आरके पुरम: 411 (गंभीर)
यातायात पर असर: उड़ानें और ट्रेनें देरी से
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दृश्यता 50 मीटर से नीचे गिरने के कारण CAT III प्रोटोकॉल लागू करना पड़ा। इसके बावजूद 50 से अधिक उड़ानों में देरी हुई। रेलवे का हाल भी बेहाल रहा; कम से कम 25 उत्तर-गामी ट्रेनें दो से छह घंटे की देरी से चल रही थीं। नई दिल्ली और आनंद विहार रेलवे स्टेशनों पर यात्री ठिठुरते हुए अपनी ट्रेनों का इंतजार करते नजर आए।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति “तापमान व्युत्क्रमण” (Temperature Inversion) के कारण है, जहां प्रदूषक जमीन के करीब ही फंस जाते हैं। क्रेआ (CREA) के प्रमुख विश्लेषक डॉ. सुनील दहिया के अनुसार, “उच्च आर्द्रता के कारण PM2.5 जैसे कण पानी की बूंदों के साथ मिल जाते हैं, जिससे एक भारी और जहरीला स्मॉग बनता है।”
पृष्ठभूमि और पूर्वानुमान
यह साल दिल्ली के लिए पर्यावरण के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में दिल्ली में एक भी दिन ‘अच्छी’ हवा दर्ज नहीं की गई। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जिसका अर्थ है कि 1 और 2 जनवरी 2026 की सुबह भी घने कोहरे का साया बना रहेगा। स्वास्थ्य अधिकारियों ने सलाह दी है कि नए साल के जश्न के दौरान बाहरी गतिविधियों से बचें और मास्क का प्रयोग करें।
