चेन्नई – तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले आए ताज़ा ओपिनियन पोल ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। ‘मैट्राइज़-आईएएनएस’ (Matrize-IANS) द्वारा किए गए इस सर्वेक्षण के अनुसार, 234 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्तारूढ़ द्रमुक (DMK) के नेतृत्व वाले मोर्चे से थोड़ा आगे निकलता दिख रहा है। 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले, यह सर्वे एक बेहद करीबी और कड़े मुकाबले की ओर इशारा कर रहा है।
मैट्राइज़-आईएएनएस के आंकड़ों के अनुसार, भाजपा+ को 114-127 सीटें मिलने का अनुमान है, जो 118 के बहुमत के आंकड़े के करीब या उसे पार कर सकता है। वहीं, द्रमुक+ को 104-114 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। अभिनेता विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्रि कझगम’ (TVK) को 6-12 सीटें मिल सकती हैं, जबकि अन्य के खाते में 1-6 सीटें जाने का अनुमान है।
द्रविड़ राजनीति में बदलाव के संकेत
यह सर्वेक्षण संकेत देता है कि तमिलनाडु की राजनीति अब पारंपरिक द्रमुक-अन्नाद्रमुक प्रतिद्वंद्विता से आगे निकल रही है। भाजपा की आक्रामक विस्तार रणनीति और सांस्कृतिक पहचान पर जोर देने के कारण राज्य के मतदाताओं के रुझान में बदलाव देखा जा रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाला द्रमुक गठबंधन अभी भी एक मजबूत ताकत बना हुआ है, लेकिन कई शहरी क्षेत्रों में भाजपा गठबंधन उसे कड़ी टक्कर दे रहा है।
किंगमेकर की भूमिका
सर्वेक्षण में सबसे दिलचस्प बात टीवीके (TVK) का प्रदर्शन है। हालांकि सीटों की संख्या कम है, लेकिन 6 से 12 सीटें त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में निर्णायक साबित हो सकती हैं। तमिलनाडु में अक्सर जीत का अंतर 2-3% से भी कम होता है, ऐसे में छोटी पार्टियों द्वारा काटे गए वोट बड़े गठबंधनों का खेल बिगाड़ सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. आर. त्यागराजन ने कहा: “ओपिनियन पोल के आंकड़े बताते हैं कि तमिलनाडु अब राष्ट्रीय पार्टियों के लिए बंद दरवाजा नहीं है। मुकाबला इतना कड़ा है कि अंतिम 10 दिनों का प्रचार अभियान और लगभग 40-50 ‘स्विंग’ सीटों पर बूथ प्रबंधन ही अंतिम परिणाम तय करेगा।”
चुनाव कार्यक्रम और परिणाम
तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा। मतों की गिनती 4 मई को पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी के साथ की जाएगी। यह चुनाव तय करेगा कि क्या भाजपा दक्षिण में अपनी जड़ें जमाने में सफल होती है या द्रमुक अपना किला बचाने में कामयाब रहती है।
2021 के चुनाव में द्रमुक गठबंधन ने 159 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। 2026 का यह ओपिनियन पोल राज्य के राजनीतिक तापमान में आए बड़े बदलाव को दर्शाता है।
