तेलंगाना की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है, जब पूर्व विधायक रोहित रेड्डी का नाम कथित ड्रग मामले के बीच चर्चा में आ गया है। ‘पायलट’ के नाम से पहचाने जाने वाले रोहित रेड्डी पहले भी कई विवादों में घिर चुके हैं और उनका राजनीतिक करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है।
रोहित रेड्डी, जो कि तेलंगाना के तंदूर क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता माने जाते हैं, ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत चिरंजीवी की पार्टी प्रजा राज्यम पार्टी से की थी। यह पार्टी बाद में कांग्रेस में विलय हो गई, जिसके बाद रेड्डी ने भी अपने राजनीतिक पथ में कई बदलाव किए।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, रोहित रेड्डी को एक ‘पार्टी-हॉपर’ के रूप में देखा जाता है, क्योंकि उन्होंने समय-समय पर अपनी राजनीतिक वफादारी बदली है। उन्होंने कांग्रेस, तेलंगाना राष्ट्र समिति (अब भारत राष्ट्र समिति) और अन्य दलों के साथ भी जुड़ाव रखा है। भारत राष्ट्र समिति के टिकट पर वह तंदूर से विधायक भी रह चुके हैं।
हाल ही में सामने आए ड्रग्स से जुड़े मामले में उनका नाम आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अभी तक जांच एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या आरोप पत्र सार्वजनिक नहीं किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और कई लोगों से पूछताछ की जा रही है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा, “हम सभी संभावित लिंक की जांच कर रहे हैं। किसी भी व्यक्ति को केवल संदेह के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।”
रोहित रेड्डी पहले भी 2022 में कथित ‘विधायकों की खरीद-फरोख्त’ (poaching) मामले में चर्चा में आए थे, जिसमें उन्होंने कुछ नेताओं पर खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया था। उस समय भी यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहा था और इसकी जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा की गई थी।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि रेड्डी का प्रभाव उनके क्षेत्र में काफी मजबूत रहा है। एक स्थानीय राजनीतिक विश्लेषक ने कहा, “तंदूर क्षेत्र में रोहित रेड्डी की पकड़ मजबूत मानी जाती है। लेकिन लगातार विवादों में घिरने से उनकी छवि पर असर पड़ सकता है।”
तेलंगाना में ड्रग्स से जुड़े मामलों में हाल के वर्षों में वृद्धि देखी गई है, खासकर हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में। पुलिस और नारकोटिक्स विभाग ने कई हाई-प्रोफाइल मामलों का खुलासा किया है, जिसमें फिल्म, राजनीति और व्यवसाय से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं।
हैदराबाद में बढ़ते ड्रग नेटवर्क को लेकर सरकार और पुलिस दोनों सतर्क हैं। राज्य सरकार ने हाल ही में ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है और युवाओं को इससे बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
फिलहाल, रोहित रेड्डी ने इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है। उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि वह जांच में सहयोग कर रहे हैं और अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार मानते हैं।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस मामले में कोई ठोस सबूत सामने आते हैं या यह भी एक और राजनीतिक विवाद बनकर रह जाता है। फिलहाल, तेलंगाना की राजनीति में इस मुद्दे ने नई बहस को जन्म दे दिया है।
