गाजियाबाद – गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी इलाके में एक दिल दहला देने वाली दोहरी हत्या ने पूरे एनसीआर को झकझोर कर रख दिया है। एक 38 वर्षीय व्यक्ति, राशिद ने कथित तौर पर अपने सात साल के बेटे के सामने अपनी पत्नी और अपने पुराने दोस्त की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने हत्या करने से पहले अपने दोस्त को “सुलह” के लिए रात के खाने पर बुलाया था और हत्या के बाद अपने डरे हुए बच्चे से कहा, “अब सब ठीक हो जाएगा।”
यह घटना सोमवार देर रात रामपार्क कॉलोनी में हुई। पुलिस के अनुसार, मृतकों—शबनम (36) और फहीम (32)—को आपसी विवाद के बाद बेहद करीब से सिर में गोली मारी गई थी। यह मामला विश्वासघात, पूर्व नियोजित क्रोध और नाबालिगों पर घरेलू हिंसा के विनाशकारी प्रभाव को दर्शाता है।
खूनी दावत का जाल
घटनाक्रम सोमवार शाम को शुरू हुआ जब राशिद ने अपने पुराने साथी फहीम को घर पर खाने पर आमंत्रित किया। पड़ोसियों के लिए यह एक सामान्य शाम थी; तीनों ने घंटों साथ बैठकर खाना खाया। हालांकि, जांचकर्ताओं का मानना है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी।
राशिद को अपनी पत्नी शबनम और फहीम के बीच पिछले दो साल से चल रहे प्रेम संबंध का पता चला था। छह महीने से घर में तनाव बना हुआ था, जो तब चरम पर पहुंच गया जब राशिद को पता चला कि शबनम तलाक लेना चाहती है और अपना घर बेचना चाहती है। आधी रात के आसपास, यह सोचकर कि उसके सातों बच्चे सो गए हैं, राशिद ने अलमारी से एक पिस्तौल निकाली।
सात साल के मासूम की गवाही
इस मामले का सबसे दुखद पहलू राशिद का सात साल का बेटा है, जिसने इस पूरी वारदात को अपनी आंखों से देखा। चिल्लाने की आवाज सुनकर बच्चा कमरे में दाखिल हुआ, जहां उसने अपने पिता को पिस्तौल के साथ देखा। मासूम ने पुलिस को बताया कि उसके पिता ने पहले फहीम को गोली मारी और फिर शबनम पर वार किया। हत्या के बाद राशिद ने अपने बेटे से कहा, “अब सब ठीक हो जाएगा” और मौके से फरार हो गया।
डीसीपी (ग्रामीण) सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया: “पीड़ितों को बहुत करीब से गोली मारी गई थी, जो गहरे गुस्से और इरादे को दर्शाता है। हमने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत मामला दर्ज किया है और फरार आरोपी को पकड़ने के लिए कई टीमें बनाई हैं। बच्चे को हुई मानसिक पीड़ा हमारे लिए बड़ी चिंता का विषय है।”
अपराधिक पृष्ठभूमि और उद्देश्य
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी और मृतक फहीम दोनों का आपराधिक रिकॉर्ड था। फहीम पर पहले हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज थे, जबकि राशिद को 2023 में चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। एसीपी सिद्धार्थ गौतम के अनुसार, हत्या का कारण करीबी दोस्त द्वारा दिया गया धोखा और तलाक के बाद घर बिकने का डर था।
राशिद अभी भी फरार है और गाजियाबाद पुलिस लोनी और आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रही है। रामपार्क कॉलोनी के निवासियों के लिए यह घटना एक भयावह याद बन गई है कि कैसे अनसुलझे घरेलू विवाद अपरिवर्तनीय त्रासदियों में बदल सकते हैं।
