रोजगार के नाम पर ठगे जा रहे हैं युवा- हेमंत

झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने चाईबासा के मनोहरपुर में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन यदि आन्दोलन कर अलग राज्य दिला सकते हैं तो गुरुजी के आशीर्वाद से वह भी झारखंडियों के सपनों का झारखण्ड बनाने का हौसला रखते हैं।

राज्य में बदहाल शिक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि सरकार शराब बेचने वालों को पारा शिक्षकों से अधिक वेतन देती है, इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार झारखण्ड के बच्चों के भविष्य को लेकर कितना गंभीर है।

हेमंत ने कहा कि यह संघर्ष यात्रा राज्य में व्याप्त भूखमरी के विरुद्ध है, यह संघर्ष यात्रा प्रदेश में हो रहे ज़मीन लूट, लचर स्वास्थ्य सेवा, बच्चों के भविष्य को अन्धकार में धकेलने वाली शिक्षा नीति, बेरोजगारी, ठेका अधिनियम संशोधन अधिनियम, महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा, बढ़ती महंगाई आदि के विरूद्ध है।

उन्होंने आगे कहा कि यहां बन रहे पोलिटेक्निक कॉलेज कई वर्षों से अधूरा पड़ा है, इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक जोबा मांझी ने कई बार मुख्यमंत्री से मुलाकात की लेकिन वह बेकार साबित हुआ।

उन्होंने कहा कि जनता से पेट्रोल-डीजल पर टैक्स लेकर अपने चहेते बाहरी पूंजीपतियों को सस्ते में सरकार जमीन दे देती है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे कार्यकाल में किरोसिन तेल सस्ते में मिलता था अब सरकार ने उसकी भी कीमत बढ़ा दी है। बिजली का भी सिर्फ जुमला दिख रहा है। ऐसे में लोग अपना जीवन यापन कैसे करेंगे। सूबे में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब मुख्यमंत्री के घर के आगे किसी का कत्ल कर दिया जा रहा है तो राज्य में सुरक्षा की क्या ही कहे? मोमेंटम झारखंड, स्किल इंडिया के नाम पर सरकार ने युवाओं को सिर्फ ठगा है। इस सरकार में बिजली का बिल समय पर आता है पर बिजली कभी नहीं आती। श्रम कानून में बदलाव लाकर सरकार ने मज़दूरों का शोषण किया है।

सरकार शराब की दुकान खोलकर स्कूल बंद कर रही है। पारा शिक्षक को 8 हज़ार और शराब बेचने वाले को 22 हज़ार यही है रघुवर सरकार की सोच।

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