झारखण्ड में नकली अंडा बेचने वालों को कौन बचा रहा!

- रिलायंस का नाम आने के बाद से सरकार चुप, मंत्री के आदेश पर हुई जांच तो खराब पाए गए अंडे

प्रदेश में आपस में लड़ रहे पक्ष और विपक्ष के नेताओं के सामने लोगों की जान लेने वाले प्लास्टिक के अंडे धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं. आम लोगों की खाद्य सुरक्षा खतरे में है. पर ना तो सरकार कुछ बोल रही है और ना ही विपक्ष के नेता. केवल खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने आशंका जताई है कि जमशेदपुर के साकची रिलायंस फ्रेश में मिले अंडे मुर्गी के नहीं, बल्कि दूसरे पक्षी या प्लास्टिक के हो सकते हैं. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे को सुझाव दिया है कि रांची के नामकुम लैब में अंडे की जांच होनी चाहिए।

उन्होंने रिलायंस फ्रेश के अलावा अन्य जगहों से जब्त अंडों के नमूने हैदराबाद के सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी प्रयोगशाला भिजवाने को कहा है, ताकि सही तथ्य सामने आए. सरयू राय ने इस संबंध में मीडिया से कहा कि उन्होंने विभाग के सचिव को निर्देश दिए हैं कि स्वास्थ्य विभाग अंडों की जांच का प्रतिवेदन भारत सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्रालय को भेजकर निर्देश मांगे कि ऐसे व्यवसाय को नियंत्रित करने के लिए क्या-किया जा सकता है?"

सरयू राय ने स्वास्थ्य सचिव को जो बताया है वो चौंकाने वाला है. उन्होंने लिखा है कि अंडे को उबालकर तोड़ने पर इसके खोल के अंदर का उजला हिस्से का आवरण कड़ा होकर मुलायम प्लास्टिक जैसा हो जाता है. कच्चे अंडे के टूटने पर बदबू निकलती है. यह सड़े अंडे से बिलकुल अलग लगते हैं. सीसीएमबी प्रयोगशाला जांच कर बता देगी कि अंडे मुर्गी के हैं या किसी दूसरे पक्षी के अथवा बनावटी हैं. मामले के विभिन्न पहलुओं की गहराई से जांच आवश्यक है क्योंकि यह आम लोगों की जिन्दगी से जुड़ा मामला है.

प्रदेश के लाखों लोग अंडे का रोज सेवन करते हैं. अंडा अन्य मांसाहार की तुलना में सस्ता और हर जगह उपलब्ध है. ऐसे में लगातार मिल रही शिकायत के बीच 9 जुलाई को साकची रिलांयस फ्रेश में प्लास्टिक अंडा बिक्री की शिकायत मिलने के बाद मंत्री सरयू राय खुद यहां जांच करने पहुंचे थे. उन्होंने खुद अंडे की जांच की और खरीद कर इसे रांची लैब भेजा था. 16 जुलाई को रिपोर्ट आई, जिसमें स्पष्ट कहा गया कि अंडे खराब हैं. इसके बाद भी ना तो रिलायंस फ्रेश को बंद किया गया और ना ही उसे नोटिस किया गया. प्रदेश के अन्य केन्द्रों पर भी ऐसे अंडे अभी धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं.

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