हम हिंट नहीं, हिट करते है : लालू

-संजय सिंह-

लालूः- ऑफ दी रिकार्ड
-नीतीश लटकन थे, उनको पलटनिया मारना ही था
-भाजपा दल नहीं, दलदल है, उसी में ऊ लोग कमल खिलाता है

चारा घोटाले में सुनवाई के लिए लालू यादव रांची में थे। कोर्ट की बहस के बाद शाम में होटल में मजलिस जमा रखे थे। अलग-अलग दलों के नामचीन नेताओं का आना जाना लगा था। लालू विपक्षी एकता के टिप्स सभी को दे रहे थे। कोना में कुर्सी थामे मैं सब नजारा देख रहा था। लालू रघुवर सरकार पर आदिवासी विरोधी होने का आरोप मढ़ रहे थे। बता रहे थे, अगिला चुनाव का इहे एजेंडा होगा। इसको बरियारी से पकड़े रहो। यह सब देखते-सुनते मुझसे नहीं रहा गया। थोड़ा उनके पास सरका और अपना पहला सवाल दाग दिया।

सवाल : आज आप झारखंड और आदिवासी की बात कर रहे हैं। पहिले तो आप ही कहे थे कि मेरी लाश पर झारखंड बनेगा।
लालू : फेर गड़ल मुरदा के उखाड़े में लग गए। सुनो, हम जवन कहते हैं, ओकरा पर अड़ल भी रहते हैं। नीतीश नहीं हैं कि पलटी मार देंगे। हां, हम कहे थे कि हमरे लाश पर झारखंड बनेगा। का गलत बोले थे। घर का मुखिया घर का बंटवारा कबो चाहता है का। हमहूं नहीं चाहते थे कि घर का बंटवारा हो। बाकी जब घरे के लोग अड़ जाता है, अउर मनवलो पर नहीं मानता है, तो घर का मुखिया घर की एकता को बचाए रखने के लिए उसको हड़काता है कि नहीं। हड़काता है न। हमहूं उहे कर रहे थे। हड़का रहे थे। कह दिए थे कि मेरी लाश पर झारखंड बनेगा। तुम पत्रकार लोग बात का बतंगड़ बना दिए। अब कब्र में से उसको कबार के निकाल रहे हो।

सवाल : अच्छा यह बताइये कि झारखंड में विपक्षी दल को कइसे एक मंच पर लाइएगा। कौन फार्मूला होगा।
लालूः फार्मूला है। अभी नहीं बताएंगे। इंतजार करो, समय पर सामने आएगा।

सवाल : कुछ हिंट तो कीजिए।
लालू : हम हिंट नहीं, हिट करते हैं। धौनी टाइप छक्का मारते हैं। बिहार में देखे कि नहीं। नीतीश गोड़पड़िया कर हमरा साथे लटक गया था। झारखंड में भी सब साथे आएगा।

सवाल : नीतीश तो साथ छोड़ गए।
लालू : अरे ऊ लटकन था। उसको पलटनिया मारना ही था। पलट गया। थोड़ा दिन इंतजार करो नीतीश खुदे उलट जाएगा। नहीं उलटा तो ई मुड़ीकटवा पार्टी उसको उलटा लटका देगा। ऊ अब घर का तो रहा नहीं, घाटो का नहीं रहेगा।

सवाल : लेकिन, भाजपा से तो नीतीश की ट्यूनिंग ठीक-ठाक चल रही है।
लालू : बकलोल हो का। आज तक नहीं समझे कि भाजपा दल नहीं, दलदल है। ओकरे में कमल खिलाता है ऊ लोग। कमल के झांसा में जो आता है, ओकरा कमल के पंखुड़ी में बंद कर साफ कर देता है। भाजपा कसाइयों की पार्टी है। कोई मोह ममता वहां नहीं होता। देखे कि नहीं, आडवाणी जी के साथ ऊ लोग का किया। गरदनिया दिया कि नहीं उनको। बुढ़ऊ के लोर पोछेवाला कोई नहीं मिल रहा। नीतीश को भी नानी याद दिला देगा ऊ लोग।

सवाल : लेकिन भाजपा का विजय रथ तो देश में बढ़ता ही चला जा रहा है।
लालू : ई सब तुम लोगों के अखबार आउर टीवी में खाली बढ़ता दीख रहा है। हवाबाजी जादा दिन नहीं चलता। बहुत हवा बांध लिया ऊ लोग। जनता अबकी जवाब देगी। रोज रेलगाड़ी लड़ा रहा है अउर बुलेट ट्रेन की हवाबाजी कर रहा है। बताओ का विकास किया ऊ लोग। काला धन निकालने का हवा बांधा था कि नहीं। का हुआ उसका। झुनझुना देकर फुसलाया कि नहीं जनता को। बाकी अब जनता जान गई है ई लोगों को। अबकी चुनाव में अइसा धोबिया पाट मारेगी कि ई लोगों का मन-मिजाज लहर जाएगा।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *