SC ने दयानिधि को कहा आपके खिलाफ पर्याप्त सबूत

पूर्व संचार मंत्री दयानिधि मारन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने अवैध टेलीफोन एक्सचेंज मामले में जो फैसला दिया है उससे उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। कोर्ट ने मारन की अपील को खारिज करते हुए कहा कि वह पूरे केस का सामना करें।
जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट बेंच ने दयानिधि मारन की याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि वह मामले में ट्रायल का सामना करें। ट्रायल कोर्ट द्वारा ही ऐसे मामलों का फैसला किया जाए।
इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते अवैध टेलीफोन एक्सचेंज मामले में दयानिधि मारन और अन्य लोगों को सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा बरी किए जाने के फैसले को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनके खिलाफ काफी सबूत हैं।
दरअसल, दयानिधि मारन पर अपने भाई कलानिधि मारन के सन टीवी नेटवर्क को लाभ पहुंचाने के लिए अवैध टेलीफोन एक्सचेंज स्थापित करने का आरोप है।
मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस जी जयचंद्रन ने इन सभी को आरोपमुक्त करने के फैसले के खिलाफ सीबीआई की अपील को मंजूर करते हुए विशेष अदालत को आरोप तय करने का निर्देश देते हुए कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश की नकल मिलने के एक साल के भीतर मुकदमे की सुनवाई पूरी की जाए।
कोर्ट का कहना था कि सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। वहीं निचली अदालत ने जिन वजहों से उन्हें बरी किया था उनमें कोई भी कानून के लिहाज से सही नहीं है। इस मामले में सीबीआई अदालत की ओर से मानदंडों का घोर उल्लंघन किया गया। लिहाजा उन्हें बरी करने का फैसला अतार्किक और अवैध था इसलिए इसे दुरूस्त किया जाना जरूरी है।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *