डंके की चोट पर गलत को गलत कहते हैं सरयू राय

झारखण्ड के मंत्री सरयू राय प्रदेश के इकलौते मंत्री हैं जो राज्य सरकार के गलत को गलत कहते हैं, वो भी डंके की चोट पर। चाहे किसी सरकारी अधिकारी का भ्रष्टाचार हो या सिस्टम का कोई गलत फैसला, सरयू राय हर मंच पर अपनी बात मजबूती से रखते हैं। रघुवर केबिनेट के कई गलत फैसलों पर सार्वजनिक तौर पर वो अपनी बात रख चुके हैं। अभी उन्होंने एक ट्विट किया है, जो काफी चर्चा में है। इस ट्विट में उन्होंने लिखा कि झारखण्ड में भ्रष्टाचार का कम्बल और विकास का घी चल रहा है।

उनका ये ट्विट इनदिनों काफी चर्चा में है। इसकी वज़ह है राज्य सरकार के गलत गलत फैसले। रघुवर सरकार भले ही पारदर्शिता की बात करती हो लेकिन सरकार के अधिकांश फैसले सवालों के घेरे में हैं। किसी मंत्री की उनके सचिव से नहीं बनती, क्योंकि सारे सचिव मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री को सीधे रिपोर्ट कर रहे हैं। लेकिन मंत्री रघुवर की वज़ह से कोई भी सार्वजनिक बयान देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा। मंत्री नीरा यादव की सचिव आराधना पटनायक कोई बात नहीं सुनती। पर्यटन मंत्री अमर बाउरी की कोई बात सचिव राहुल शर्मा नहीं सुनते। कल्याण मंत्री लुइस मरांडी और कृषि मंत्री रणधीर सिंह का भी यही हाल है। ये मंत्री व्यक्तिगत बातचीत में रघुवर की कार्यशैली की घोर निन्दा करते हैं पर सामने से बोलने में सब डरते हैं।

ऐसे में एकमात्र मंत्री सरयू राय ही हैं जो जनहित में सार्वजनिक रूप से मुखर होकर अपनी बात कहते हैं। मई माह में जब केबिनेट ने बिना अनुभव वाली मात्र एक लाख की कंपनी को 14 करोड़ का काम सौंपा तो केवल सरयू राय ऐसे मंत्री थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री को लिखा कि इस मामले में भ्रष्टाचार की गंध आती है।

सार्वजनिक जीवन में जो लोग होते हैं उनमे से बहुत कम लोग ही पर्यावरण, नदी और शासकीय भ्रष्टाचार की बातें और इससे जुड़े मुद्दे उठाते हैं। सरयू राय ऐसे में से हैं, जो डंके की चोट पर अपनी बात कहते हैं। इसलिए रघुवर दास और उनसे जुड़े लोग इन्हें पसंद नहीं करते।

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