अब चुंबन पर सियासी तकरार

प्यार हुआ इकरार हुआ, प्यार से फिर क्यूं डरता है दिल...ये गाना तो आपने जरूर सुना होगा. जिंदगी में प्यार एक खूबसूरत एहसास है, भला इससे कौन इंकार कर सकता है. लेकिन जब इस प्यार की नुमाइश कुछ इस तरीके से हो कि वह इजहार न होकर तमाशा बन जाये तो आश्चर्य होना लाजिमी है. कह सकते हैं कि इस प्यार पर भी सियासदानों की नजर लग गयी है.

ताज़ा मामला है तालपहाड़ी में शनिवार की रात को आयोजित सिदो-कानू मेला में विवाहित जोड़ों के लिए चुंबन प्रतियोगिता का है. इसमें चार आदिवासी जोड़ों ने हिस्सा भी लिया. वहीं लिट्टीपाड़ा विधायक साइमन मरांडी ने विजेताओं को पुरस्कृत किया. हालांकि इस अनोखी प्रतियोगिता को देखने के लिए भारी भीड़ जुट गयी और लोग अचरज भरी निगाहों से प्रतियोगियों को देखते रहे. अंत में इन सभी जोड़ों को पुरस्कार दिए गए. पर अब यह प्रतियोगिता विवादों के घेरे में है.

हालांकि विधायक साइमन मरांडी ने सफाई दी है कि प्रेम और आधुनिकता को बढ़ावा देने के लिए यह प्रतियोगिता कराई गयी, आदिवासी समाज के लोग संकोची होते हैं. ऐसे में पति-पत्नी के सार्वजानिक तौर पर चुंबन प्रतियोगिता में भाग लेने से न सिर्फ उनका संकोच दूर होगा बल्कि आपसी प्रेम भी बढ़ेगा. लेकिन इस प्रतियोगिता के बाद मामला सियासी रंग लेता जा रहा है, भाजपा युवा नेता सह सीनेट सदस्य साहेब हांसदा ने कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा है कि लिट्टीपाड़ा विधायक ने आदिवासी समाज का अपमान किया है.

जेएमएम नेता के इस प्रकार के आयोजन को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. वे आदिवासी संगठनों के भी निशाने पर आ गए हैं. कहा जा रहा है कि साइमन मरांडी ने महिलाओं का अपमान तो किया ही है इसके साथ ही आदिवासी रीति-रिवाज, संस्कृति और अस्मिता को भी सरेआम बाज़ार में खड़ा कर दिया है.

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