टीपू के नाम पर भी होगी सियासी जंग !

जैसे-जैसे कर्नाटक में चुनाव नजदीक आ रहा है चुनावी सरगरमी बढ़ती जा रही है। पक्ष और विपक्ष द्वारा ऐसे मुद्दे उठाए जा रहा हैं जिससे वोटरों को अपनी ओर आकर्षित किया जा सके। कभी जाति तो कभी धर्म के बहाने नेता एक दूसरे को टारगेट कर रहे हैं। इसी कड़ी में अब ऐतिहासिक टीपू सुल्‍तान भी आ गया है। यानी पिछले कुछ महीनों से मैसूर के शासक टीपू सुल्तान के नाम पर चल रही राजनीति इस बार के विधानसभा चुनावों को हो सकता है प्रभावित करे। दरअसल जिस तरह से राज्य की विपक्षी बीजेपी और सत्तारूढ़ कांग्रेस में इस मुद्दे पर बयानों की जंग चल रही है, उसको देखते हुए यह लगता है कि 'टीपू सुल्तान' भी चुनाव में मुद्दा बनेंगे। हाल में राज्‍य में टीपू जयंती के मसले पर सत्‍ता पक्ष और विपक्षी बीजेपी के बीच भिड़ंत होती रही है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि टीपू सुल्तान कौन थे?

कर्नाटक के मैसूर में एक जगह है देवनहल्ली। वर्तमान में यह कोलार जिले में पड़ता है। उसी देवनहल्ली में मैसूर साम्राज्य के सेनापति हैदर अली के घर में 20 नवंबर 1750 को एक बच्चे का जन्म हुआ। नाम रखा गया फतेह अली टीपू। हैदर अली बेटे के जन्म के समय दक्षिणी हिस्से में साम्राज्य विस्तार के काम में लगे हुए थे। इसलिए जन्म के बाद से ही टीपू का लालन-पालन सेना के संस्कारों के साथ होने लगा। हैदर अली की लड़ाइयों के कारण निजाम और मराठा, मैसूर साम्राज्य के दुश्मन बने हुए थे। सो टीपू को विरासत में ही संघर्ष का जीवन मिला।

कर्नाटक में अगले दो महीनों के भीतर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस बार चुनावों में इतिहास के पन्‍नों से निकलकर टीप सुल्‍तान का मुद्दा सियासी पिच पर देखने को मिलेगा। यानी पिछले कुछ महीनों से मैसूर के शासक टीपू सुल्तान के नाम पर चल रही राजनीति इस बार के विधानसभा चुनावों को संभवतः प्रभावित करने वाली है। दरअसल जिस तरह से राज्य की विपक्षी बीजेपी और सत्तारूढ़ कांग्रेस में इस मुद्दे पर बयानों की जंग चल रही है, उसको देखते हुए यह लगता है कि 'टीपू सुल्तान' भी चुनाव में मुद्दा बनेंगे। राज्‍य में टीपू जयंती के मसले पर सत्‍ता पक्ष और विपक्षी बीजेपी के बीच भिड़ंत होती रही है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि टीपू सुल्तान कौन थे?

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