2 जून को दिल्ली में होगी तैलिक संघ की रैली

अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (युवा प्रकोष्ठ) उमेश रंजन साहू ने बताया कि अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा का राष्ट्रीय सम्मेलन 2 जून को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में देश भर के 50 हजार से ज्यादा प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। वहीं झारखंड से 1500 प्रतिनिधि के हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास करेंगे जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल होंगे। इस कार्यक्रम की शुरूआत अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयदत्त क्षीरसागर दीप जलाकर करेंगे।

उमेश रंजन साहू ने बताया कि सम्मेलन के दौरान समाज के राजनीतिक, समाजिक उत्थान को लेकर विमर्श किया जाएगा और इस देश में इसके माध्यम से संदेश देने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य एजेंडा समाज के लोगों का उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर है।

श्री साहू ने कहा कि पूरे देश में हमारी आबादी 14 करोड़ है लेकिन राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं के बराबर है। इसलिए 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए हम इस सम्मेलन के माध्यम से लोकसभा के लिए 40-50 टिकट की मांग करने वाले हैं। हम चाहते हैं देश की हर पार्टी इस पर विचार करे और उसी हिसाब से हमें राजनीतिक भागीदारी करने का मौका मिले। उन्होंने तैलिक साहू समाज की राजनीतिक स्थिति के विषय में बात करते हुए कहा कि आज पूरे देश में इस समाज के मात्र 43 विधायक हैं जबकि सांसदों की संख्या मात्र 6 है जिसमें बीजेपी के सबसे अधिक 5 सांसद हैं वहीं कांग्रेस का एक सांसद है। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं समाज का कोई भी व्यक्ति आज मंत्री या चेयरमैन नहीं है।

श्री साहू ने कहा कि हमारे समाज की सबसे अधिक आबादी छत्तीसगढ़ में 36 प्रतिशत है लेकिन वहां भी हमारा राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं है। झारखंड में हम 15-18 प्रतिशत हैं यहां भी मुख्यमंत्री के अलावा कोई मंत्री नहीं है जबकि सामाज के हित की बात को ध्यान में रखते हुए मंत्री पद मिलना चाहिए जिससे तैलिक-साहू समाज का उत्थान हो सके। इसके अलावा हमारी बड़ी आबादी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में रहती है। लेकिन इन राज्यों में भी राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं के बराबर है।

श्री साहू ने कहा कि सम्मेलन के दौरान तैलिक-साहू समाज में एकता और सदभाव से लेकर देश की राजनीति में अपने प्रतिनिधित्व को लेकर भी रणनीति बनाई जाएगी ताकि आनेवाले चुनाव में विभिन्न सियासी पार्टियों के समक्ष अपनी बात रखी जा सके।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *