नीतीश निजी हितों को हमेशा ऊपर रखते हैं : जया जेटली

-लालू यादव से परेशान नीतीश कुमार BJP में जाना चाहते थे

समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जया जेटली ने अपनी आत्मकथा लाइफ अमंग स्कॉरपिअन्स (Life among Scorpions) में राजनीतिक जीवन के अनुभवों के साथ नेताओं को लेकर अपनी सोच को भी खुलकर सामने रखा है। जया ने दावा किया है कि राजनीतिक करियर बचाने के लिए एक समय नीतीश कुमार बीजेपी में शामिल होने के बारे में सोच रहे थे। कभी देश की प्रभावशाली नेताओं में शुमार रहीं जया जेटली ने अपनी किताब में पीएम मोदी की तारीफ के साथ लालू-शरद और मुलायम जैसे नेताओं पर भी निशाना साधा है।

उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि अगर समता पार्टी बनाकर हम चुनाव नहीं लड़ते तो शायद नीतीश बीजेपी में शामिल हो सकते थे। जया जेटली ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार निजी हितों को हमेशा ऊपर रखते हैं। जॉर्ज साहब की अपील के बावजूद नीतीश ने मुझे नहीं बल्कि बिजनेसमैन महेंद्र प्रसाद को राज्यसभा भेज दिया।

अपनी आत्मकथा में बीजेपी के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने लिखा कि सहयोगियों की अनदेखी और अहंकार की वजह से वाजपेयी सरकार 2004 में हार गई थी। नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए जया जेटली ने अपनी किताब में लिखा कि नरेंद्र मोदी बहुमत के बावजूद सहयोगियों को लेकर चलते हैं। पीएम के व्यवहार की तारीफ करते हुए उन्होंने लिखा, 'मोदी विरोधियों से भी मिलते और बात करते हैं। गुजरात में नरेंद्र मोदी ने आसानी से बदलाव लाए लेकिन देश में अच्छे काम और बदलाव को कुछ लोग आसानी से नहीं मानते हैं।'

जया ने अपनी किताब में लिखा, लालू और शरद केवल यादव भाषण से ही समाजवादी हैं। मधु लिमये, जेपी और राममनोहर लोहिया का विचारधारा की तरह ही रहन-सहन था। शरद यादव ने खुलकर कहा था कि मैं यादव हूं। लालू और मुलायम ने परिवारवाद को जितना बढ़ावा दिया लोहिया और मधु लिमये एक मिनट भी बर्दाश्त नहीं करते।

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