RSS के लिए मनुस्मृति ही संविधान है: शिवानंद

सुशील मोदी कहते हैं कि संघ को समझना बहुत कठिन है. लेकिन मुझे ऐसा नहीं लगता है. गोलवरकर जी से लेकर संघ के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ता ही संघ का मकसद सार्वजनिक रूप से बयान करते रहते हैं. समय-समय पर सब के सब देश के संविधान को नकारते रहे हैं. इसे बदलने की बात करते रहते हैं .लेकिन बाबा साहब अम्बेडकर के संविधान ने हमें वोट का अधिकार दिया है। दलितों, आदिवासियों को आरक्षण का अधिकार दिया है। यह संविधान भारत में जन्म लेने वाले प्रत्येक नागरिक बराबरी का अधिकार देता है. हम इन अधिकारों को खोना नहीं चाहते हैं. 

लेकिन संघ के लिए आदर्श संविधान का आधार मनुस्मृति है. एक समय था जब मनु स्मृति के आधार पर समाज का संचालन होता था. उस समय समाज का बड़ा हिस्सा मानवीय गरिमा से वंचित था. हम फिर से उस पुराने दिनों को वापस नहीं आने देना चाहते हैं. इसलिए संघ की विचारधारा का विरोध करना और इसकी मनसा से देश को सावधान करते रहना हमारा राजनीतिक दायित्व है. वह हम कर रहे हैं.

शिवानंद तिवारी 
रा. उपाध्यक्ष, राजद 

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