जमानत ख़ारिज, 21 महीने बाद लालू के बेल पर होगी सुनवाई

-जेल में ही मनेगी लालू की होली और दीवाली

चारा घोटाला मामले में रांची के बिरसा मुंड जेल में बंद लालू प्रसाद यादव की उम्मीद पर शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट ने पानी फेर दिया है। अदालत ने देवघर कोषागार मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इसलिए लालू यादव को इस बार जेल में ही होली मनानी पड़ेगी। लालू यादव को इस मामले में साढ़े तीन साल की सजा हुई है। हाई कोर्ट ने कहा है कि आधी सजा काटने के बाद वो बेल के लिए आग्रह करें।

ध्यान रहे कि देवघर कोषागार मामले में लालू को रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने साढ़े तीन साल जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद लालू ने हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई थी। शुक्रवार (23 फरवरी) को अदालत ने लालू की याचिका खारिज कर दी। 1990 से 1994 के बीच देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये अवैध ढंग से पशु चारे के नाम पर निकालने के इस मामले में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह ने 6 जनवरी को सजा सुनाई थी। इस मामले में कुल 16 लोग दोषी करार दिए गए थे। लालू पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।

चारा घोटाले से जुडे इस मामले में लालू के अतिरिक्ता दोषी करार दिए गए फूल चंद, महेश प्रसाद, बाके जुलियस, सुधीर कुमार, सुनील कुमार, सुशील कुमार और राजाराम को भी साढ़े तीन साल साल कैद व 5 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा 6 अन्य् दोषियों को 7 साल जेल की सजा और 10 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।

लालू ने अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद कहा था कि बीजेपी की राह में चलने के बजाए मरना पसंद करूंगा। उन्हों ने ट्वीट किया था, “भाजपा की राह में चलने के बजाए मैं सामाजिक न्याय, सद्भाव और समानता के लिए खुशी से मरना पसंद करूंगा।”

लालू जेल जाने के बाद से अपने समर्थकों को ट्विटर के जरिए संदेश देते रहे हैं। जेल जाने के बाद लालू ने ट्वीट किया था, “प्रिय साथियों, कारागार प्रवास के दौरान मेरे ट्विटर हैंडल का संचालन मेरा कार्यालय और परिवार के सदस्य करेंगे। समय-समय पर मुलाकातियों के मार्फत कार्यालय को संदेश पहुंचेगा, जो आपके पास ट्विटर या अन्य विधा से पहुंच जाएगा। संगठित रहिए, सचेत रहिए।”

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