ई लोग बोलते थे लालू चारा खा गये, अब शौचालय घोटाला में क्या बोलेंगे

बिहार में अब 'शौचालय' पर सियासत तेज हो गई है। राजद अध्यमक्ष लालू प्रसाद और उनके पुत्र तेजस्वी यादव ने इस मामले पर नीतीश सरकार पर निशाना साधा है। और कहा कि सृजन घोटाला, परीक्षा में टॉपर बनाने का घोटाला, शिक्षा घोटाला के बाद अब शौचालय घोटाला हो गया। शौचालय घोटाला किया तो शौचालय कहां रखा, बतायें। वे शौचालय भी नहीं छोड़ रहे हैं।

लालू यादव ने कहा कि शौचालय बनाने के नाम पर सिर्फ पटना जिले में ही 15 करोड़ का घोटाला हुआ है। पूरे बिहार में एनजीओ को पैसा ट्रांसफर किया गया है। सही से जांच की जाये तो अरबो-खरबो में यह घोटाला पहुंच जायेगा।
एक अधिकारी जिनका नाम सृजन घोटाला में आया, उन्हें जदयू की ओर से सासाराम से टिकट दिया गया। सृजना घोटाला, शौचालय घोटाला, परीक्षा में टॉपर बनाने का घोटाला, शिक्षा घोटाला, महादलित घोटाला, हर जगह घोटाला ही हो रहा है। आखिर इस घोटाले का पैसा कहां जाता है।

लालू ने आरसीपी सिन्हा पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये पैसे का कलेक्शेन करते हैं। आइएएस से राज्यलसभा के नेता बन गये। शराब माफिया भी सीएम के साथ बैठकर सेल्फी खिंचवाते हैं और जब मामला गरमाता है, तब कार्रवाई की जाती है।

लालू ने कहा कि नीतीश कहते हैं कि किसी भी अरोपी को बख्शा नहीं जायेगा। आखिर वे खुद कैसे बचे हुए हैं। यह घोटालेबाजों की सरकार है। गरीब भूखों मर रहा है। एनजीओ के माध्‍यम से पैसे लूटे जा रहे हैं।
लालू यादव ने ट्वीट कर कहा कि बिहार में अब करोड़ों का शौचालय घोटाला। कागज़ों मे ही हज़ारों शौचालय खा गयी नीतीश सरकार। शौचालय भी नहीं छोड़े? CM ईमानदार है,है ना?

इसके बाद लालू ने कहा कि तथाकथित चारा घोटाले में ई लोग बोलते थे, लालू चारा खा गए। अब शौचालय घोटाले में वो क्या बोलेंगे, नीतीश क्या खा गए? नीतीश सरकार को घोटालों की “सोच” कभी भी आ सकती है।

वहीं तेजस्वी यादव ने भी इस मामले पर ट्वीट कर कहा कि बिहार में अब करोड़ों का शौचालय घोटाला! महीने में अनेकों घोटाले होते उजागर। फिर भी हमार घोटाला बाबू ईमानदार। जय हो...“ज़ीरो टॉलरन्स बाबू” नीतीश सरकार ने अब 10 हजार शौचालयों के करोड़ों-करोड़ डकार लिए। नीतीश जी " जीरो टॉलरेंस ऑन ऑनेस्टी " के सबसे बड़े ब्राण्ड ऐम्बैसडर बन चुके है।

बता दें कि शौचालय निर्माण के नाम पर चार एनजीओ को साढ़े तेरह करोड़ रुपये व प्रचार-प्रसार के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपये के अवैध तरीके से किए गए भुगतान के मामले में पटना के जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) पूर्वी प्रमंडल के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता विनय कुमार सिन्हा को निलंबित करने की अनुमति शासन से मांगी है।

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