मुंबई से अपने गृह राज्य पहुंचते ही कंगना रनौत ने उद्धव ठाकरे सरकार पर किया हमला,कहा-ड्रग्स रैकेट को सरकार का संरक्षण

फिल्म अभिनेत्री कंगना रनोत ने अपने गृह राज्य पहुंचते ही एक बार फिर शिवसेना पर पलटवार किया है। कंगना रनौत ने इस बार सीधे-सीधे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पुत्र आदित्य ठाकरे पर निशाना साधा है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आदित्य पर कंगना ने उन लोगों के साथ पार्टिंयां करने का आरोप लगाया है, जो अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की “हत्या” एवं ड्रग रैकेट में शामिल हैं। गौरतलब है कि करीब 3 महीने पहले हुई सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत को सीधे-सीधे “हत्या” बताने का काम अब तक सिर्फ भाजपा नेता नारायण राणे एवं उनके विधायक पुत्र नीतेश राणे करते रहे हैं।

अब कंगना ने ट्वीट किया है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को मुझसे सिर्फ इसलिए समस्या है, क्योंकि मैंने सिनेमा माफिया से जुड़े ऐसे लोगों का पर्दाफाश किया है, जो सुशांत सिंह राजपूत की हत्या एवं ड्रग रैकेट में शामिल रहे हैं। मुख्यमंत्री के प्रिय पुत्र आदित्य इन्हीं लोगों के साथ पार्टिंयां मनाते हैं। यही मेरा सबसे बड़ा अपराध है। इसलिए वे मुझे फंसाना चाहते हैं। ठीक है, कोशिश करते रहिए। देखते हैं, कौन, किसे फंसा पाता है। कंगना ने पहले ट्वीट किया कि कि बड़े भारी मन से मुंबई छोड़ रही हूं। पिछले दिनों मुझे जिस तरह से आतंकित किया गया, मुझ पर लगातार हमले किए गए, मुझे गालियां दी गईं, मेरा कार्यालय तोड़ा गया, उससे मुझे लगता है कि मुंबई की गुलाम कश्मीर से तुलना वाला मेरा बयान सही था। कंगना ने एक अन्य ट्वीट में काव्यात्मक अंदाज में लिखा कि जब ‘रक्षक ही भक्षक’ होने का एलान कर रहे हैं, घड़ियाल बन लोकतंत्र का चीरहरण कर रहे हैं। वे मुझे कमजोर समझकर बहुत बड़ी भूल कर रहे हैं। एक महिला को डराकर, उसे नीचा दिखाकर अपनी इमेज को धूमिल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को आरोप लगाया था कि कंगना मामले में विपक्ष राजनीति कर रहा है। सोमवार को इसका जवाब देते हुए महाराष्ट्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह पता होना चाहिए कि कहां बोलना है और कहां चुप रहना है। पाटिल ने ट्वीट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं। लेकिन कंगना प्रकरण की शुरुआत किसने की?

यदि सुशांत मामले में मुंबई पुलिस ने ठीक से जांच की होती, तो केंद्रीय एजेंसियों को कुछ करने की जरूरत ही नहीं पड़ती। उद्धव ने एक दिन पहले ही कहा था कि राजनीति का जवाब देने के लिए हमें मुख्यमंत्री का मास्क उतारना पड़ेगा। यदि मैं नहीं बोलता, तो इसका मतलब यह नहीं है कि मेरे पास जवाब नहीं है। कोई भी राजनीतिक तूफान आए, हम उसका सामना कर सकते हैं। उद्धव के इस बयान का जवाब देते हुए पाटिल ने कहा कि अब आपके मास्क उतारने का समय आ गया है।

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