नई खोज से बढ़ रही बेरोजगारीः आरएसएस

पीएम नरेंद्र मोदी इनोवेशन की वकालत कर रहे हैं, डिजिटल इंडिया से न्यू इंडिया के सपने को साकार करने का आवाह्न कर रहे हैं लेकिन आरएसएस नेता ने रोजगार के अवसर खत्‍म होने के लिए वैज्ञानिकों की नई खोज को जिम्‍मेदार ठहराया है। आरएसएस के सह सर कार्यवाह डॉक्‍टर कृष्ण गोपाल ने कहा कि नए प्रयोगों से पूंजी का केंद्रीकरण हो गया है। विश्व की साढ़े तीन अरब से ज्‍यादा की आबादी के बराबर की संपत्ति मात्र आठ लोगों के पास है। भारतीय संस्कृति पर उन्होंने कहा कि विश्व के जानेमाने अर्थशास्त्रियों ने लिखा है कि मौजूदा हालात से बचना है तो भारत का दर्शन और विचार को जानें। कृष्ण गोपाल ने कहा कि भारत देश की शक्ति अध्यात्म है। पश्चिमी सभ्यता और संस्‍कृति को अपनाने के मुद्दे पर उन्‍होंने कहा क‍ि यह गति पकड़ेगी, लेकिन जितनी जरूरत हो उतना ही इससे लिया जाना चाहिए। उनके अनुसार, आज पूरी दुनिया भारतीय संस्‍कृति की ओर उम्‍मीद से देख रही है।

कृष्ण गोपाल हरदा जिले (मध्‍य प्रदेश) के टिमरनी में गुरुवार रात को भाऊ साहेब भुस्कुटे स्मृति व्याख्यानमाला के तहत लोगों को संबोधित कर रहे थे। आरएसएस नेता ने ‘वर्तमान सभ्यता पर संकट’ विषय पर अपना विचार व्‍यक्‍त किया। कृष्ण गोपाल ने कहा कि भारत पूरे विश्व में अपने अध्यात्म की वजह से ही खड़ा है। कृष्‍ण गोपाल का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब देश में रोजगार के नए अवसरों की स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है। पूर्व में आरएसएस से जुड़े संगठन इसको लेकर नरेंद्र मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा कर चुकी है। कृष्‍ण गोपाल ने पिछले साल कहा था क‍ि भारत में भेदभाव और छुआछूत का कोई इतिहास ही नहीं रहा है। उनके मुताबिक ये चीजें हजारों साल पूर्व भारत में आई थीं। उस वक्‍त एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा था कि जब ब्रह्मा, विष्‍णु और महेश तीनों इंसान में ही मौजूद हैं तो फिर इंसानों में भेदभाव कैसा। उनके मुताबिक, ऋषि-मुनियों ने कभी भी इस चीज का जिक्र नहीं किया। कृष्‍ण गोपाल ने कहा कि हिंदू हर इंसान का भला सोचता है, वो किसी का बुरा नहीं सोचता।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *