JPSC मामले पर सरकार करेगी उचित फैसलाः राधाकृष्ण

विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन भी सदन में जोरदार हंगामा हुआ। सत्तापक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे पर खूब आरोप लगाए। इस बीच विपक्ष ने नौजवानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। नियमों में फेर बदल कर बाहरी युवाओं को फायदा पहुंचा रही है। इस पर विधायक राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि जेपीएससी से अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ी जाति के अभ्यर्थियों ने यह चिंता व्यक्त किया था कि चतुर्थ जेपीएससी पीटी परीक्षा तक आरक्षण का लाभ मिलता था, लेकिन अब यह लाभ नहीं मिल रहा है।

इस आलोक में जेपीएससी का कहना है कि पीटी परीक्षा में यह व्यवस्था नहीं है। बिहार और उत्तर प्रदेश में पीटी परीक्षा में आरक्षण का प्रावधान है। जबकि झारखण्ड की नियमावली बिहार जैसी ही है। वैसे छात्र जो आरक्षण में हैं और इसका लाभ नहीं लेते हैं लेकिन उसके बाद भी जेपीएससी उनको आरक्षण में ही रखता है। सीएम को कहा गया है कि इसपर पहले विचार करें। छात्रों को आरक्षण देना यह सरकार की जिम्मेदारी है। जब तक विचार नहीं होता तब तक 29 तारीख को होने वाली परीक्षा को रद्द करें। इसपर सीएम ने कहा है कि आज की कैबिनेट में फैसला लेकर रद्द करने का आग्रह जेपीएससी से किया जायेगा।

उधर झाविमो नेता प्रदीप यादव ने कहा कि यह राज्य का दुर्भाग्य ही है कि अभी छठी जेपीएससी की ही परीक्षा हो रही है, जबकि अभी 16वीं परीक्षा होनी चाहिए थी। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि एक बार फिर छात्र छला हुआ महसूस करेंगे। सरकार जेपीएससी की पूरी परीक्षा को निरस्त करे। यह पूरी गलती सरकार की है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया।

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