दुष्कर्म के दोषियों के खिलाफ सरकार ने बनाए सख्त कानून

हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में जिस प्रकार महिलाओं के खिलाफ रेप की घटनाएं बढ़ती जा रही थीं। इसने समाज को झकझोर कर रख दिया है। कठुआ कांड के बाद, मुजफ्फरपुर कांड, फिर देवरिया में लड़कियों के साथ दुष्कर्म की घटनाओं से सरकार के ऊपर दबाव था कि वह महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हो रही हिंसा को लेकर कठोर कानून बनाए जिससे ऐसे अपराधियों पर लगाम लगे। इसी को देखते हुए संसद ने सोमवार को आपराधिक कानून (संशोधन) विधेयक, 2018 पारित किया। यह विधेयक 12 साल से कम उम्र की लड़कियों से बलात्कार करने वालों के लिए सख्त सजा सुनिश्चित करता है। यह बिल पिछले महीने लोकसभा में पारित किया गया था और सोमवार को इसे सर्वसम्मति से राज्यसभा में पारित किया गया।

संसद में बिल पारित होने के बाद, गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि संसद के दोनों सदनों ने आपराधिक कानून संशोधन विधेयक पारित कर दिया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और अरुणाचल प्रदेश में पहले ही 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म के दोषियों के लिए मौत की सजा का प्रावधान किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि नए कानून में 12 से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म के दोषियों के लिए मौत की सजा का कठोर प्रावधान है। इस मामले में न्यूनतम 20 वर्ष से लेकर जीवन पर्यत कैद तक की भी सजा हो सकती है।

बिल अब 22 अप्रैल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा प्रख्यात आपराधिक कानून अध्यादेश को प्रतिस्थापित करेगा। कठुआ और उन्नाव दुष्कर्म कांड के बाद केंद्र सरकार ने छोटी बच्चियों से दुष्कर्म के दोषियों को फांसी की सजा दिलाने के लिए इस अध्यादेश का सहारा लिया था।
इसके मुताबिक, 16 साल से कम उम्र की लड़की के बलात्कार के मामले में न्यूनतम सजा 10 से 20 साल तक बढ़ी है। इस मामले में अधिकतम सजा को दोषी की मौत तक कैद में भी तब्दील किया जा सकता है।
कैबिनेट ने बलात्कार के मामलों की त्वरित जांच और परीक्षण के लिए कई उपाय किए जाने का भी फैसला किया। बलात्कार के मामलों में अपीलों के निपटारे के लिए उसने छह महीने की समय सीमा भी प्रदान की है।

बिल के मुताबिक, बलात्कार के मामलों से निपटने के लिए फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा, केवल एक महिला न्यायाधीश बलात्कार के मामले को सुनेगी और एक महिला पुलिस अधिकारी बलात्कार पीड़ितों के बयान दर्ज करेगी।

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